इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी का रेग्यूलेशन मंजूर, प्रदेश के बारह जिलों को राहत
-सिंचित क्षेत्र विकास आयुक्त ने तीन में एक समूह के रेग्यूलेशन ्रपर लगाई मुहर
-आईजीएनपी का चक्रीय कार्यक्रम घोषित होने से अब किसान खरीफ फसलों की कर सकेंगे बिजाई
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर को नौ जून से तीन में एक समूह में चलाया जाएगा। नहर का रेग्यूलेशन मंजूर हो गया है। सिंचित क्षेत्र विकास आयुक्त की ओर से मंजूरी से मिलने के बाद इसे लागू कर दिया गया है। नौ जून सुबह छह बजे से चार जुलाई शाम छह बजे तक उक्त रेग्यूलेशन प्रभावी रहेगा। इस दौरान को नहर को तीन में एक समूह में चलाकर सिंचाई पानी प्रवाहित किया जाएगा। इससे किसान अपने खेतों में खरीफ फसलों की बिजाई कर सकेंगे। विभाग के मुख्य अभियंता ने किसानों से अपील है कि वह कम सिंचाई पानी उपयोग वाली फसलों की बिजाई करें। जिससे अधिकतम क्षेत्र में बिजाई हो सके। सिंचित क्षेत्र विकास बीकानेर के आयुक्त नीरज के पवन ने मुख्य अभियंता उत्तर संभाग को पाबंद किया है कि वह बीबीएमबी की बैठक में निर्धारित शेयर के अनुसार नहरों में पानी चलाने को लेकर सतर्क रहें। जिससे चक्रीय कार्यक्रम अनुसार नहरों में पानी चलाया जा सके। मंजूर रेग्यूलेशन के अनुसार छोटी नहरों का रोटेशन सात दिन में पूरा होने के बाद, उन्हें साढ़े दिन चलाने के बाद बंद कर दिया जाएगा। शेष एक दिन मुख्य नहर व शाखाओं के क्रॉस रेग्यूलेटर पर वांछित जल स्तर बनाए रखने के लिए पानी चलेगा। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर सहित प्रदेश के बारह जिलों को जलापूर्ति होती है। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ कार्यालय के एसई शिवचरण रैगर के अनुसार इस नहर से प्रदेश का बड़ा क्षेत्र सिंचित हो रहा है। प्रदेश की खुशहाली में इस नहर का अहम योगदान रहा है। नहर की हालत बदहाल होने की वजह से गत माह इसकी रीलाइनिंग सहित अन्य मरम्मत कार्य करवाए गए हैं। करीब एक माह की बंदी के बाद इसमें अब सिंचाई पानी चलाया जाएगा। किसान नहर में सिंचाई पानी चलने का इंतजार कर रहे हैं। अब इस नहर में पानी चलने पर हजारों हेक्टैयर में खरीफ फसलों की बिजाई हो सकेगी।
चक्रीय कार्यक्रम पर नजर
इंदिरागांधी नहर का चक्रीय कार्यक्रम आठ जून को जारी कर दिया गया। इसमें नौ से 17 जून तक क, ख, ग समूह की नहरें चलेंगी। इसके बाद 17 जून से 26 जून तक ख, ग, क समूह में नहरों को चलाया जाएगा। इसी तरह 26 जून से चार जुलाई तक नहर को ग, क, ख समूह में चलाया जाएगा। इस रेग्यूलेशन को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए करीब 7500 क्यूसेक पानी की आवश्यकता पड़ेगी।
इतना चल रहा पानी
चालू महीने में हरिके हैड से राजस्थान का शेयर 9000 क्यूसेक निर्धारित है। इसमें इंदिरागांधी नहर का शेयर 7750 क्यूसेक आवंटित है। करीब इतना ही पानी आठ जून को इस नहर में चल रहा था। जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ कार्यालय के रेग्यूलेशन खंड के एक्सईएन सुरेश सुथार ने बताया कि भाखड़ा में 1200 क्यूसेक पानी चला रहा हैं। जबकि इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी का रेग्यूलेशन जारी कर दिया गया है। तय शेयर के अनुसार इस समय राजस्थान को पानी मिल रहा है।