
अफसरों ने समय से पहले बंद कर दी नहर, किसानों ने जवाब मांगा तो करते रहे टालमटोल
अफसरों ने समय से पहले बंद कर दी नहर, किसानों ने जवाब मांगा तो करते रहे टालमटोल
-विभाग के मनमाने नियमों से परेशान किसानों ने किया जल संसाधन विभाग कार्यालय का घेराव
हनुमानगढ़. जल संसाधन विभाग के अधिकारी मनमाने तरीके से नहरों को चला रहे हैं। रेग्यूेलशन में शामिल होने के बावजदू साउथ घग्घर कैनाल को अचानक बंद करने पर आक्रोशित किसान शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता देवी सिंह बेनीनवाल से इस बारे में जवाब मांगने पहुंचे तो उन्होंने पहले तो टालमटोल किया। उनके जवाब से असंतुष्ट होकर किसानों ने मुख्य अभियंता से मिलकर अपनी पीड़ा बताई।
इस दौरान मुख्य अभियंता ने भी पहले पल्ला झाडऩे का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि रेग्यूलेशन बनाने का काम बीकानेर में होता है। शिकायत लेकर पहुंचे किसानों से मुख्य अभियंता ने उल्टे सवाल कर दिया कि आपकी नहर जब तीन जुलाई को बंद हो गई तो अब दस दिन बाद आपको कैसे बारी की याद आई। इस पर किसानों ने कहा कि हमने संबंधित अभियंता को तत्काल इसकी सूचना दे दी थी। लेकिन अब कार्यालय में कोई अधिकारी मिल ही नहीं रहा।
इसके बाद मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने रेग्यूलेशन व संबंधित डिविजन के अभियंताओं से दूरभाष पर बातचीत कर रेग्यूलेशन में शामिल नहर को कैसे बंद कर दिया, इसे लेकर सवाल-जवाब किया। अभियंताओं की कार्यशैली से नाराजगी जाहिर कर मुख्य अभियंता ने किसानों के पिटी बारी की भरपाई करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ। एचएमएच- एसएनएम वितरिका के चैयरमेन जगदीश सहारण, मांगीलाल स्वामी, स्वराज सिंह, किशन शर्मा, गुरदीप सिंह, चेतराम, गुरमीत सिंह, इंद्रजीत धारणियां, रणजीत सिंह, अमरचंद चाहर, सिंकदर सिंह, नरेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
भाखड़ा में हमारा हिस्सा तय
अधीक्षण अभियंता का घेराव करने पहुंचे किसानों ने कहा कि साउथ घग्घर कैनाल की नहरों का शेयर भाखड़ा में निर्धारित है। भाखड़ा के शेयर के अनुपात में ही इस नहर में पानी चलता है। किसानों ने कहा कि पिटी बारी की भरपाई अभी नहीं होने पर आगे तीस दिन तक बारी नहीं आएगी। इससे फसलें तबाह हो जाएगी।
तो घेरेंगे हैड
जल संसाधन विभाग का घेराव करने के दौरान किसानों ने कहा कि अधिकारी जल्द हमें पानी दिलाते हैं तो ठीक है, नहीं तो हमें पानी लेना आता है। जल्द बारी की भरपाई नहीं करने पर हैड घेरने की चेतावनी दी। किसानों ने कहा कि अब तक अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं। लेकिन जब किसान हैड घेरेंगे तो सब दौड़े आएंगे।
यह है मामला
गत सप्ताह साउथ घग्घर कैनाल के रेग्यूलेशन के अनुसार सोमवार पांच जुलाई को नहर बंद होनी थी। लेकिन अभियंताओं ने किसी कारण से नहर को तीन जुलाई को ही बंद कर दिया। इस कारण से शनिवार से सोमवार तक जिन किसानों की बारी थी, वह पिट गई। शनिवार व रविवार के किसानों की बारियां पूरी करने को शनिवार सुबह से पानी छोडऩे की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को अभियंताओं का घेराव किया। जिससे पिटी बारियों की भरपाई हो सके।
Published on:
16 Jul 2021 07:28 pm
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