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हनुमानगढ़ में ओलावृष्टि से 80 फीसदी तक हुआ फसलों को नुकसान, मुआवजे की मांग

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. क्षेत्र में बीते सप्ताह से बारिश व ओलावृष्टि का दौर जारी है। इससे रबी फसलों को नुकसान हुआ है। इससे धरतीपुत्रों की चिंता बढ़ गई है। बेमौसम बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से पकाव पर खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई।  

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हनुमानगढ़ में ओलावृष्टि से 80 फीसदी तक हुआ फसलों को नुकसान, मुआवजे की मांग
-सर्वे करने में जुटा कृषि विभाग
हनुमानगढ़. क्षेत्र में बीते सप्ताह से बारिश व ओलावृष्टि का दौर जारी है। इससे रबी फसलों को नुकसान हुआ है। इससे धरतीपुत्रों की चिंता बढ़ गई है। बेमौसम बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से पकाव पर खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। सरसों की फसल का भी यही हाल हुआ। शुक्रवार देर रात्रि को भी जिला मुख्यालय सहित आसपास के गांवों में बारिश हुई। इससे खेतों में खड़ी फसलों में पानी भर गया। गांव मक्कासर की रोही स्थित चक छह एसटीजी के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई। क्षेत्र के किसानों ने बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग सरकार व प्रशासन से की। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दानाराम गोदारा के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्रों में जाकर विभागीय टीम ने सर्वे किया। गोदारा ने बताया कि मैनावाली, जोरावरपुरा, मोहनमगरिया, रणजीतपुरा सहित आसपास के गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। कितना नुकसान हुआ है, इसका सर्वे कर रहे हैं। किसानों को इस बात के लिए जागरूक किया जा रहा है कि वह खराबे की सूचना बीमा कंपनी को तत्काल दें। इंद्रजीत शर्मा, कृष्ण गोदारा, ताराचंद नायक, चुन्नीराम मेघवाल आदि काश्तकारों ने मिलकर गांव मोहनमगरिया व रणजीतपुरा में हुए फसलों की नुकसान की स्थिति से अधिकारियों को अवगत करवाया।

ओलावृष्टि से 80 फीसदी तक हुआ फसलों को नुकसान
-खड़ी फसलों में भारी खराबे से मुरझाए किसानों के चेहरे
टिब्बी. तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में शुक्रवार शाम हुई ओलावृष्टि से फसलों में हुए भारी खराबे ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया। शुक्रवार को भारी ओलावृष्टि के बाद शनिवार को अधिकारियों ने प्रभावित चकों में खराब हुई फसलों का जायजा लिया तो 80 फीसदी तक फसलों में खराबा पाया गया। अधिकारियों ने खराबे की सूचना उच्चाधिकारियों को भिजवा दी है। शुक्रवार को तेज बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि से तलवाड़ा झील, बेहरवाला कलां, सिलवाला खुर्द, डबली कलां व खुर्द, मसीतांवाली तथा मेहरवाला के चको में जौ, सरसों व गेहूं की पकी फसलों को नुकसान पहुंचा। ओलावृष्टि से खराबे की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने पटवारियों को खराबे का सर्वे करने का निर्देश दिया जिसके बाद शनिवार को दिनभर पटवारी सर्वे में जुटे रहे। नायब तहसीलदार विनोद कडवासरा के अनुसार खराबे की प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार तलवाड़ा झील में 75 फीसदी, बेहरवाला कलां ए व बी में 75 फीसदी, सिलवाला खुर्द के एक एनडीआर में 50 से 60 फीसदी, डबली कलां के चक 5 एनडीआर में 75 फीसदी, मसीतांवाली में 55 से 80 फीसदी व मेहरवाला के चकों में 55 से 80 फीसदी तक गेहूं, जौ व सरसों की फसलों में खराबा हुआ है। खराबे की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। शनिवार को पीसीसी सदस्य शबनम गोदारा, प्रधान निक्कूराम, तहसीलदार हरीश टाक, नायब तहसीलदार विनोद कडवासरा आदि ने प्रभावित सभी गांवों में फसल खराबे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने किसानों से बातचीत कर खराबे की जानकारी ली तथा उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष गुलाब सींवर ने भी जिला कलेक्टर से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

राज्य मंत्री ने ली फसल खराबे की जानकारी
क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के चको में ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए शनिवार को राज्य मंत्री केसी बिश्नोई प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होने गांव मेहरवाला, सिलवाला, मसीतावाली, लूणावाली ढाणी आदि में फसल खराबे का निरीक्षण किया तथा किसानों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी की। ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, चना व जौ आदि फसलों में खराबे पर उन्होने मौके पर ही जिला कलेक्टर से फोन पर वार्ता कर किसानों को अधिक से अधिक राहत दिए जाने की बात कही। उन्होने किसानों को अधिकाधिक मुआवजा दिलाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।

बेमौसम बरसात से फसलों को नुकसान
संगरिया. उपखंड क्षेत्र में बेमौसमी बरसात व ओलावृष्टि के कारण शुक्रवार को कई गांव व चकों में नुकसान हुआ है। जंडवालासिखान व चक हीरासिंहवाला के किसान इकबाल सिंह, निशानसिंह, गुरप्यारसिंह, मनजीतसिंह, सुखवीरसिंह, लखवीरसिंह, बलविंद्रसिंह, भोलासिंह फौजी व अन्य ने बताया कि उनके चक 12 व 15 एएमपी, चक 5, 6, 7, 9 एनकेआर में खड़ी सरसों फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने आरोप लगाया कि एएमपी में तो ग्रामसेवक सुखविंद्रसिंह ने सर्वे किया। लेकिन अन्य चकों में सर्वे करने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी या कार्मिक नहीं पहुंचा है। किसानों ने मुआवजा दिलाने की गुहार सरकार से लगाई है।
उधर, आजाद समाज पार्टी ने ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे अतिशीघ्र करवाकर मुआवजा दिलवाने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम के रीडर विनोद कुमार को सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में शामिल जिलाध्यक्ष रेमताराम पंवार, महासचिव राजेंद्र कांटीवाल, मनोज वर्मा, मनप्रीतसिंह, शैलेंद्र मेहरड़ा, गुरदास सिंह, डॉ.भीमराव सेवा संस्थान के चंद्रशेखर तथा अन्य ने बताया कि 90 फीसद फसलें खराब हो चुकी। जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश भर में बढाएंगे। [पसं.]