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How to check fake medicines : भारत में लगभग 25% दवाएं नकली, खराब या घटिया, नकली दवाओं से कैसे बचें

how to avoid fake medicines : भारत में नकली दवाएं एक बड़ी समस्या हैं। एक अध्ययन में बताया गया है कि भारत में लगभग 25% दवाएं नकली, खराब या घटिया होती हैं। ये नकली दवाइयां लोगों की सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकती हैं। आप कैसे पहचान सकते हैं कि दवा असली है या नकली? कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप दवा खरीदते वक्त सावधानी बरत सकते हैं।

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About 25% of medicines in India are fake how to check fake medicines


क्या आप जानते हैं कि दवाइयां नकली भी हो सकती हैं? जी हां, बाजार में कई बार ऐसी दवाइयां मिल जाती हैं जो दिखने में तो असली दवाओं जैसी लगती हैं, लेकिन असल में ये सिर्फ चॉक पाउडर या स्टार्च जैसी चीजें होती हैं!

एक अध्ययन के अनुसार भारत में लगभग 25% दवाइयां नकली, खराब या घटिया दर्जे की होती हैं। इन नकली दवाओं (Fake medicines) से लोगों की सेहत को बहुत खतरा होता है।

तो आखिर कैसे पता चलेगा कि आप जो दवा खरीद रहे हैं वो असली है?


- डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा के नाम को दुकान पर मिलने वाली दवा के नाम से मिलाएं।
- दवा के लेबल पर छपाई की गलतियों, पैकेजिंग में गड़बड़ी या किसी भी असामान्य चीज का ध्यान रखें।
- कोशिश करें पूरी पट्टी वाली दवा ही खरीदें, क्योंकि उस पर सारी जरूरी जानकारी होती है।
- दवा की एक्सपायरी डेट और बैच नंबर को ध्यान से देखें।
- जितना हो सके किसी जानी-मानी मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदें।
- ऑनलाइन दवा खरीदते समय सावधानी
- ऑनलाइन दवा खरीदते समय वेबसाइट की विश्वसनीयता जरूर जांच लें।
- स्पैम ईमेल, पैकेजिंग पर खराब ग्रामर, बिना पते वाली वेबसाइट और बहुत कम दाम वाली दवाओं से बचें।
- दवा कंपनियां भी कर रहीं हैं कोशिशें
- कई बड़ी दवा कंपनियां दवाओं के पैकेज पर क्यूआर कोड दे रही हैं। इससे दवा असली है या नकली, यह पता लगाने में आसानी होती है।


अगर आपको कभी ऐसा लगता है कि आपको नकली दवा (Fake medicines) मिल गई है, तो आप उसकी जांच करवा सकते हैं। इसके लिए आप अपने इलाके के ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) से संपर्क कर सकते हैं।


कई बार दवा तो असली होती है, लेकिन गलती से कोई और दवा दे दी जाती है। इससे भी परेशानी हो सकती है। इसलिए डॉक्टर के पर्चे पर दवा के नाम और उसकी मात्रा को ध्यान से देखें।

कई बार गलत दवा ले लेना भी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. इसलिए दवा खरीदते समय पर्चे पर लिखी दवा को ध्यान से देखें और फार्मसिस्ट से भी दवा के बारे में पूछें. अगर फार्मिस्ट कोई दूसरी दवा देता है, तो यह जरूर पूछें कि यह वही दवा है जो डॉक्टर ने लिखी है या नहीं.

अच्छी फार्मेसी से दवा खरीदें: दवा हमेशा किसी जानी-मानी और अच्छी फार्मेसी से ही खरीदें. अनजान या छोटी दुकानों से दवा खरीदने से बचें.
ऑनलाइन फार्मेसी से सावधान रहें: ऑनलाइन दवा खरीदना सुविधाजनक जरूर है, लेकिन नकली दवाओं का खतरा भी रहता है. इसलिए ऑनलाइन दवा खरीदते समय वेबसाइट की विश्वसनीयता जरूर जांच लें. अगर वेबसाइट पर कोई फिजिकल पता नहीं दिया है या दाम बहुत कम हैं, तो ऐसी साइट से दवा न खरीदें.