
Urine Eyewash ( photo - x post TheLiverDoc )
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है जिसे लेकर डॉक्टर्स की चिंता बढ़ गई है। इसमें एक महिला यूरिन से अपनी आंखों को धो रही है और इसको आंखों के लिए फायदेमंद बताती नजर आ रही है। जबकि डॉक्टर्स ने महिला की बात को गलत बताया है और लोगों को ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। डॉक्टर्स ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसा करना आंखों के लिए सुरक्षित नहीं है और इससे आंखों में जलन और इंफेक्शन हो सकता है और आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
यह वीडियो नुपूर पिट्टी नामक एक महिला ने पोस्ट किया है जो अपने आप को एक मेडिसिन फ्री लाइफ कोच बताती है। वीडियो में पिट्टी दो आंखें धोने के कप में यूरिन भर के उससे अपनी आंखें धोती नजर आ रही है। वीडियो में पिट्टी दावा कर रही है कि सुबह का पहला यूरिन आंखों के लिए फायदेमंद होता है और यह सुबह सुबह आंखों में होनी वाली रेडनेस, ड्राइनेस और जलन से राहत दे सकता है।
पिट्टी ने वीडियो में बताया कि यह प्रक्रिया करने के लिए सबसे पहले सुबह के पहले फ्रेश यूरिन को एकत्रित किया जाता है। इसके बाद उसे आंख धोने वाले कप में भर के उसमें आंखें डुबानी होती है। वीडियो के अनुसार, आंखों को कप में डुबाने के बाद उन्हें दो तीन बार खोलकर वापस बंद करना होता है।
पिट्टी के वीडियो में किए गए दावे को डॉक्टर्स ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है और ऐसा बिल्कुल नहीं करने की सलाह दी है। यूरोलॉजिस्ट डॉ. जैसन फिलिप ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, कभी नहीं, कभी नहीं, ऐसा कभी न करें। यूरिन सिर्फ टॉयलेट में जाने के लिए बना होता है इसका अन्य कोई उपयोग नहीं है। ऐसा कर के खुद को नुकसान न पहुंचाए।
डॉ. फिलिप ने यह भी बताया कि, नॉर्मल इंसान के यूरिन का पीएच 5.5 से 6.5 तक होता है, जो कि एसिडिक होता है। वहीं आंखों को धोने के लिए जो पानी उपयोग किया जाता है उसका पीएच 7.4 के आसपास होता है जो कि एसिडिक नहीं होता । ऐसे में यूरिन को आंखें धोने के लिए इस्तेमाल करने से सूजन से लेकर आंखों की रोशनी जाने तक कुछ भी हो सकता है।
ऑनलाइन द लिवर डॉक के नाम से जाने जाने वाले केरल के एक हेपेटोलॉजिस्ट (लीवर रोग विशेषज्ञ) डॉ. सिरिएक एबी फिलिप्स ने कहा, कृप्या यूरिन को अपनी आंखों में न डालें क्योंकि वह रोगाणु-रहित नहीं होता है। इंस्टाग्राम पर कूल बनने की कोशिश कर रही आंटियां निराश करने वाली और डरावनी है। कई लोगों का ऐसा मानना है कि यूरिन एक रोगाणु-रहित तरल पदार्थ है, खासकर शरीर से बाहर आने के बाद। लेकिन ऐसा नहीं है, यूरिन में बैक्टीरिया, टॉक्सिन (विषैले पदार्थ) और अन्य अपशिष्ट उत्पाद होते हैं, जिन्हें शरीर से बाहर निकालना होता है, न कि आंखों जैसे संवेदनशील अंगों में वापस डालना।
पिट्टी ने यह वीडियो सबसे पहले इंस्टाग्राम पर शेयर किया था, जिसे अब उन्होंने हटा दिया है। डॉक्टर्स ने लोगों को इस सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले घरेलू नुस्खों को नहीं अपनाने की सलाह दी है। खासकर वह चीजें जो शरीर से निकलने वाले वेस्ट से जुड़ी है। डॉक्टर्स का मानना है कि आंखों में जलन होने पर स्टेरलाइल सलाइन सोल्यूशन ( एक तरह का नमकीन पानी जो आंखों को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह आंखों के लिए सुरक्षित होता है और किसी भी दवाई की दुकान पर आसानी से मिल जाता हैं। ) और प्रिजर्वेटिव-फ्री आर्टिफिशियल टियर्स ( कृत्रिम आंसू जो आंखों को नमी प्रदान करते हैं। ) का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही इस तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर्स ने आंखों के विशेषज्ञों से संपर्क करने की भी सलाह दी है।
Published on:
27 Jun 2025 04:41 pm
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