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Cancer Risk : कैंसर के बढ़ते कदम: रोज़मर्रा की आदतें बढ़ा रहीं खतरा

locationजयपुरPublished: Feb 07, 2024 06:12:14 pm

Submitted by:

Manoj Kumar

पूरी दुनिया में कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2050 तक हर साल 35 करोड़ से ज्यादा लोगों में कैंसर का पता चल सकता है, जो 2022 के अनुमानित 20 करोड़ मामलों से 77% ज्यादा है।

Everyday Choices Increasing Cancer Risk
Everyday Choices Increasing Cancer Risk
पूरी दुनिया में कैंसर एक गंभीर बीमारी बन चुकी है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कैंसर एजेंसी के ताजा अनुमान के अनुसार, 2050 तक 3.5 करोड़ से ज्यादा नए कैंसर के मामले सामने आ सकते हैं, जो 2022 के अनुमानित 2 करोड़ मामलों से 77% ज्यादा है।
भारत में भी कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इंडियन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अगले पांच सालों में कैंसर के मामलों में 12% की वृद्धि होने की संभावना है।
कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं बेकाबू होकर बढ़ने लगती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाती हैं। यह कहीं से भी शुरू हो सकता है और कोशिका विभाजन की व्यवस्थित प्रक्रिया को बाधित कर सकता है।
इस बढ़ते बोझ से निपटने के लिए, विशेषज्ञ महत्वपूर्ण जीवनशैली में बदलाव की पैरवी कर रहे हैं जो कैंसर होने की संभावना को कम कर सकते हैं।

डॉ. मृदुल मल्होत्रा, एशियन हॉस्पिटल फरीदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट और हेड-मेडिकल ऑन्कोलॉजी ने IndiaToday.In को बताया, "कुछ खास जीवनशैली आदतों और विभिन्न प्रकार के कैंसर के बीच संबंध सिर्फ तंबाकू पीने और ज्यादा शराब पीने से परे है। यहां तक कि कुछ कम-ज्ञात कारक भी कई तरह के कैंसर के विकास में भूमिका निभाते हैं।"

कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली आदतें:

मोटापा: मोटापा कैंसर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। डॉ. मृदुल मल्होत्रा ने कहा, "अध्ययनों ने इसे स्तन, कोलनरेक्टल, अग्नाशयी और गुर्दे के कैंसर की बढ़ती संभावना से जोड़ा है।"
शारीरिक गतिविधि की कमी: डॉ. विधे शर्मा, कंसल्टिंग फिजिशियन, रूबी हॉल क्लिनिक, पुणे ने कहा कि निष्क्रिय रहना या कम चलना-फिरना भी कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इससे स्तन, कोलोन और एंडोमेट्रियल कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

अत्यधिक धूप में रहना:


सूरज या टैनिंग बेड से पराबैंगनी (यूवी) विकिरण के संपर्क में आने से त्वचा कैंसर, जिसमें मेलेनोमा (त्वचा कैंसर का सबसे घातक रूप) शामिल है, का खतरा बढ़ जाता है।

अस्वस्थ आहार:


फैट से भरपूर और फाइबर से कम आहार कई तरह के कैंसरों, जिनमें आंत्र, फेफड़े, प्रोस्टेट और गर्भाशय के कैंसर शामिल हैं, के खतरे को बढ़ा सकता है।

डॉ. मल्होत्रा ने कहा, "प्रसंस्कृत या रेड मीट, जैसे बेकन या हैम से भरपूर आहार, कुछ प्रकार के कैंसर होने के आपके जोखिम को बढ़ा सकता है। साथ ही, आपके आहार में अतिरिक्त वसा, प्रोटीन और कैलोरी कैंसर होने का खतरा बढ़ा सकती हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि अत्यधिक नमक का सेवन: लंबे समय तक बहुत अधिक नमक खाने से पेट और पाचन तंत्र के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

तनाव:

तनाव सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है, और इससे कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
खराब ओरल हाइजीन: मुंह में अगर लंबे समय तक सूजन या संक्रमण बना रहे (जो अक्सर साफ-सफाई न रखने से होता है), तो मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

काम और वातावरण से जुड़े खतरे:

कई रसायनों और जहरीले पदार्थों के संपर्क में आने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। उदाहरण के लिए, एस्बेस्टोस, बेंजीन और रेडॉन जैसे पदार्थ कैंसर का कारण बन सकते हैं। डॉ. मल्होत्रा ने चेतावनी दी है कि "परंपरागत तरीके से उगाए गए फलों और सब्जियों में अक्सर कीटनाशक पाए जाते हैं, जिनसे भी कुछ तरह के कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।"

संक्रमण:

कुछ संक्रमण, जैसे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV), हेपेटाइटिस बी और सी वायरस, और हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori), गर्भाशय ग्रीवा, लीवर और पेट के कैंसर सहित कुछ खास तरह के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

इन आदतों को बदलकर और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं। नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाना भी ज़रूरी है। याद रखें, बचाव ही इलाज से बेहतर है!

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