
शादी के बाद कपल्स के बीच में कई तरह की हैल्थ प्रॉब्लम देखने को मिलती है। खासकर नवविवाहिताओं में यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन बेहद आम है। शादी के बाद बार—बार संभोग के कारण होने वाले इस संक्रमण को हनीमून सिस्टिटिस नाम दिया गया है। हनीमून सिस्टिटिस यूटीआई महिलाओं में सबसे आम जीवाणु संक्रमण में से एक हैं, जो सभी संक्रमणों का लगभग 25 प्रतिशत है। लगभग 50 से 60 प्रतिशत महिलाओं को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इस संक्रमण की संभावना रहती है। हनीमून सिस्टिटिस यूटीआई महिलाओं में सबसे आम जीवाणु संक्रमण में से एक हैं । पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इस संक्रमण की संभावना अधिक होती हैं, क्योंकि महिलाओं का यूरिनरी ट्रेक्ट छोटा होता है और उसमें बैक्टीरिया आसानी से पहुंच जाते हैं। संभोग के अलावा यह समस्या गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में बदलाव और गर्भनिरोधक के इस्तेमाल की वजह से भी हो जाता है। सिस्टिटिस के हल्के मामले अक्सर कई दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन कुछ महिलाओं को सिस्टिटिस बार-बार हो सकता है और इसके लिए दीर्घकालिक उपचार की आवश्यकता होती है।

इलायची यूरिन इंफेक्शन के बचाव के बेहद उपयोगी रहती है। इसका नियमित सेवन से यूटीआई की प्रॉब्लम को दूर किया जा सकता है। इलायची में सोंठ पाउडर, अनार का रस और सेंधा नमक मिलाएंगे तो ज्यादा फायदा होगा।

यूटीआई की समस्या में छाछ एवं दही का सेवन बहुत लाभदायक है। इसमें बैक्टीरिया बाहर निकलते हैं। दही पेट को भी ठंडा रखता है, प्रत्येक मौसम में दही का सेवन किया जा सकता है।

आंवला भी बेहद फायदेमंद होता है। आंवले के चूर्ण का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। इससे इंफेक्शन सही होता है।

नारियल पानी भी यूटीआई में आराम दिलाता है। इसको नियमित रूप से पीने से यूरिन की जलन सही होती है। पेट में आराम रहता है। किडनी की सेहत भी बनी रहती है।

आधा गिलास चावल के पानी में चीनी मिलाकर पीएं। इससे मूत्र त्यागने के समय होने वाली पेशाब में जलन से राहत मिलती है। इससे हीलिंग भी होती है।