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Tips for breastfeeding mothers: शुरुआत में होने वाली गलतियों से बचें

Tips for breastfeeding mothers : स्तनपान (Breastfeeding) कराना आपके और आपके बच्चे के लिए एक खास बंधन का समय होता है। यह आपके बच्चे को पोषण देने का सबसे प्राकृतिक तरीका है, लेकिन कभी-कभी नई माताओं को शुरुआत में थोड़ी दिक्कत हो सकती है।

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Tips for breastfeeding mothers : स्तनपान कराना आपके और आपके बच्चे के लिए एक खास बंधन का समय होता है। यह आपके बच्चे को पोषण देने का सबसे प्राकृतिक तरीका है, लेकिन कभी-कभी नई माताओं को शुरुआत में थोड़ी दिक्कत हो सकती है।

आइए कुछ आम गलतियों के बारे में जानें जिन्हें आप आसानी से टाल सकती हैं ताकि आपका स्तनपान का सफर सुखद रहे: Breastfeeding mistakes every new mom should avoid

गलत तरीके से मुँह में लेना: यह सबसे महत्वपूर्ण है! शिशु का मुंह पूरी तरह से स्तन के आस-पास के काले घेरे (एरियोला) को अपने मुंह में ले लेना चाहिए। यदि सिर्फ निप्पल को मुंह में लेता है तो उसे पर्याप्त दूध नहीं मिलेगा और आपको भी तकलीफ हो सकती है।

दर्द होना सामान्य समझना: स्तनपान (Breastfeeding) कराते समय शुरुआत में थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन लगातार तेज दर्द होना सामान्य नहीं है। यदि आपको बहुत दर्द हो रहा है, तो किसी लैक्टेशन कंसल्टेंट या डॉक्टर से सलाह लें।

समय-समय पर न कराना: अपने बच्चे को जब भी भूख लगे, उसे स्तनपान (Breastfeeding) कराएं। हर दो-तीन घंटे के शेड्यूल के हिसाब से न चलें। इससे आपका दूध बनना भी ठीक से होगा।

जल्दी बॉटल का सहारा लेना: कई बार परिवार के दबाव या काम पर वापसी के कारण माएं जल्दी ही बॉटल का इस्तेमाल शुरू कर देती हैं। लेकिन इससे बच्चा बाद में स्तन को लेने से मना कर सकता है। अगर बहुत जरूरी हो तो 6-8 हफ्ते बाद ही बॉटल का इस्तेमाल शुरू करें।

अपने खान-पान का ध्यान न रखना: स्तनपान (Breastfeeding) कराने के लिए माँ को भी पर्याप्त पोषण और हाइड्रेशन की जरूरत होती है। पानी पीते रहें और संतुलित आहार लें जिसमें फल, सब्जियां, प्रोटीन और साबुत अनाज शामिल हों।

दूध कम बनने की चिंता: शुरुआत में दूध कम लग सकता है, लेकिन यह आपके बच्चे की जरूरत के अनुसार बनता रहेगा। अक्सर स्तनपान (Breastfeeding) कराते रहने से दूध का उत्पादन अपने आप बढ़ जाता है।

समस्या होने पर मदद न लेना: अगर आपको स्तनपान (Breastfeeding) में कोई परेशानी हो रही है तो हिचकिचाएं नहीं। लैक्टेशन कंसल्टेंट, डॉक्टर या अनुभवी माँओं से सलाह लें। स्तनपान कराना एक सीखने का अनुभव है और थोड़े से ध्यान से यह आपके और आपके बच्चे के लिए खुशी का सफर बन सकता है।

याद रखें, स्तनपान (Breastfeeding) कराना एक सीखने का अनुभव है। हर माँ और बच्चा अलग होता है। इन आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने और अपने बच्चे के लिए स्तनपान की यात्रा को सुखद बना सकती हैं!