
केसर क्रोकस फूल से प्राप्त एक मसाला है, जो अपने औषधीय गुणों और खाने में उपयोग के कारण काफी पसंद किया जाता है। केसर को इस समय दुनिया का सबसे महंगा मसाला माना जाता है। इसमें मौजूद कैरोटीनॉयड क्रोसिन और क्रोसेटिन इसका रंग लाल और सुनहरा करते हैं। केसर में पाए जाने वाले पदार्थों इसे हैल्थ के लिए काफी उपयोगी बनाते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि केसर का सेवन स्वास्थ्य को कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है और लम्बे समय तक बढ़ती उम्र की बीमारियों से बचाव कर सकता है।

सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट:केसर एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट पदार्थों से भरपूर होता है। क्रोसिन, क्रोसेटिन और पिक्रोक्रोसिन जैसे कैरोटीनॉयड और सफ्रानल केसर में पाए जाने वाले मुख्य बायोएक्टिव यौगिक हैं। अध्ययन में सामने आया है कि नियमित रूप से केसर का सेवन करने से शरीर में सूजन कम होती है और तनाव कम होता है।

डायबिटीज में फायदेमंद:टाइप 2 डायबिटीज वाले 80 लोगों पर हुए अध्ययन के मुताबिक जिन प्रतिभागियों ने 12 सप्ताह तक प्रतिदिन 100 मिलीग्राम केसर का सेवन किया था, उनके रक्त में ऑक्सीडेटिव तनाव के एक मार्कर, मैलोनडायलडिहाइड (एमडीए) के स्तर में नियंत्रण समूह की तुलना में कमी देखी गई थी।

नींद में सुधार:शोध से पता चलता है कि केसर में पाए जाने वाले सक्रिय पदार्थों में नींद लाने वाले गुण होते हैं और नींद की गुणवत्ता और अवधि पर लाभकारी प्रभाव पड़ सकता है। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि केसर नींद को नियंत्रित करने वाले हार्मोन मेलाटोनिन के स्तर को बढ़ाकर और नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है। इससे मस्तिष्क में कुछ रिसेप्टर्स पर कार्य करके नींद में सुधार करने में मदद कर सकता है।

बना रहता है मानसिक स्वास्थ्य:केसर ने चिंता और अवसाद सहित मानसिक स्वास्थ्य विकारों के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में वादा दिखाया है। 23 अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि केसर से अवसाद और चिंता के लक्षणों पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पड़ा। केसर में मौजूद क्रोसिन और सफ्रानल, डोपामाइन, नॉरपेनेफ्रिन और सेरोटोनिन जैसे मूड-बूस्टिंग न्यूरोट्रांसमीटर चिंता और अवसाद के लक्षणों में सुधार करते हैं।

खाने में रखे सावधानीअध्ययनों से पता चलता है कि 26 सप्ताह तक प्रतिदिन 100 मिलीग्राम तक केसर अर्क का उपयोग सुरक्षित है, लेकिन इससे से अधिक समय तक केसर की खुराक लेने या प्रति दिन पांच ग्राम से अधिक केसर का सेवन करने से दस्त और उल्टी जैसे गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। प्रतिदिन 12 ग्राम से अधिक केसर का सेवन घातक हो सकता है। हालांकि केसर बहुत महंगा होता है इसलिए ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल कम मात्रा में करते हैं।

केसर दूध सबसे ज्यादा लोकप्रिय: भारत में केसर का दूध और मिठाई सबसे ज्यादा प्रचलित है। वहीं पुडिंग और आइसक्रीम में केसर का उपयोग जाता रहा है। केसर को आप खाद्य पदार्थों में मिलाकर खा सकते है। हालांकि आपको नकली और असली केसर में अंतर करना जरूर आना चाहिए। मार्केट में इन दिनों नकली केसर भी आ रही है। डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।