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डेंगू होने पर करें ये देसी उपाय, दो दिन बढ़ जाएगा प्लेटलेट्स

Home remedies in dengue treatment: बारिश के मौसम के साथ ही मच्छर जनित रोग डेंगू (Dengue fever) का खतरा काफी बढ़ गया है। यह एक गंभीर बीमारी में इसमें लापरवाही से जान भी जा सकती है। यह एडीस एजिप्टी (Aedes egypti) नामक मच्छरों से फैलता है। डेंगू फीवर एक वायरस के कारण होता है जो मच्छरों के द्वारा फैलता है। इसके फैलने के लिए किसी माध्यम (मच्छर) की जरूरत होती है। इसके चपेट में आने पर शरीर में हड्डीतोड़ दर्द होता है। इसलिए इसे हड्डीतोड़ बुखार भी कहते हैं।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Aug 31, 2023

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Home remedies in Dengue treatment

Effective home remedies in dengue treatment: बारिश के मौसम के साथ ही मच्छर जनित रोग डेंगू (Dengue fever) का खतरा काफी बढ़ गया है। यह एक गंभीर बीमारी में इसमें लापरवाही से जान भी जा सकती है। यह एडीस एजिप्टी (Aedes egypti) नामक मच्छरों से फैलता है। डेंगू फीवर एक वायरस के कारण होता है जो मच्छरों के द्वारा फैलता है। इसके फैलने के लिए किसी माध्यम (मच्छर) की जरूरत होती है। इसके चपेट में आने पर शरीर में हड्डीतोड़ दर्द होता है। इसलिए इसे हड्डीतोड़ बुखार भी कहते हैं।

डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू से संक्रमित मरीज में 3 से 14 दिनों के बाद ही इसके लक्षण दिखते हैं। ज्यादातर मामलों में 4 या 7 दिनों के बाद लक्षण दिखना शुरू हो जाता है।
डेंगू वायरस के खून में फैलने के एक घंटे में ही जोड़ों (Joints) में दर्द शुरू हो जाता है, इसमें मरीज को 104 डिग्री तक बुखार भी आता है।
डेंगू होने पर ब्लड प्रेशर (Blood pressure) तेजी से गिरता है और हृदयगति भी कम हो जाता है।
आंखें लाल हो जाती है साथ ही उसमें दर्द भी होता है।
फेस पर गुलाबी रंग के दाने निकल आते हैं।
डेंगू होने पर भूख नहीं लगती है, सिर दर्द, ठंड लगना, बुखार आना भी।
यह सभी लक्षण डेंगू के पहले चरण में होते हैं। यह 4 दिन तक चल सकते है।
दूसरे चरण में शरीर का तापमान कम हो जाता है, और पसीना आने लगता है। इस समय शरीर का तापमान सामान्य होकर रोगी को बेहतर महसूस होने लगता है, ऐसा एक दिन रहता है।
डेंगू के तीसरे चरण में शरीर का तापमान पहले से और अधिक बढ़ जाते हैं। साथ ही पूरे शरीर पर लाल दाने दिखने लगते हैं।

डेंगू में घरेलू उपचाय

डेंगू में फायदेमंद है नीम
डेंगू में नीम के पत्ते का रस प्लेटलेट्स (Platelets) और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने में कारगर है। इसलिए डेंगू होने पर इसका सेवन करना चाहिए।

गिलोय है फायदेमंद
डेंगू के इलाज में गिलोय के सेवन फायदेमंद है। यह इम्यूनिटी बूस्ट करता है। यह डेंगू बुखार के महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है। इसके सेवन से संक्रमण कम होता है। गिलोय के तने को उबालकर इसका काढ़ा बनाकर पीने से लाभ मिलेगा।

तुलसी का सेवन है कारगर
डेंगू बुखार में तुलसी का सेवन कारगर है। यह शरीर के विषाक्त तत्वों को बाहर करती है। साथ इम्यूनिटी भी बूस्ट करती है। 5-7 तुलसी के पत्ते को पानी में उबालकर इसमें एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर पीने से लाभ मिलेगा।

डेंगू में रामबाण है पपीते का सेवन
डेंगू के इलाज में सबसे असरदार है पतीते के पत्ते का सेवन। पपीते के पत्ते को पीसकर पानी में मिलाकर मरीज को देने से तेजी से सुधार होता है। साथ ही मरीज के खून में प्लेटलेट्स (Platelets) और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या तेजी से बढ़ जाती है।

डेंगू बुखार में संतरे का करें सेवन
संतरे के रस में एटीओक्सीडेंट्स और विटामिल सी पाए जाते हैं। जो डेंगू के वायरस को नष्ट करने में असरदार है। यह इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है।

खूब पीए नारियल पानी
डेंगू होने पर नारियल पानी और जूस का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए। इसके सेवन में प्लेटलेट्स (Platelets) और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने में मदद मिलती है।

क्या खाएं
डेंगू होने पर अधिक से अधिक पानी पिएं।
हल्का एवं सुपाच्य आहार ही लेना चाहिए।
रोगी को ताजा सूप, जूस और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए।
नींबू पानी बनाकर पिएं। नींबू का रस शरीर से गंदगी को पेशाब के द्वारा निकालता है।
हर्बल टी से बुखार में आराम मिलता है। इसमें अदरक और इलायची डालकर बनाएं।
डेंगू में ताजी सब्जियों का जूस पिएं। इसमें गाजर, खीरा और अन्य पत्तेदार सब्जियां बहुत अच्छी होती हैं।
खाने में दलिया का सेवन करें। इसमें मौजूद उच्च फाइबर और पोषक तत्व रोगों से लड़ने के लिए पर्याप्त शक्ति देते हैं।
डेंगू के रोगी को दूध और डेयरी उत्पाद का सेवन करना चाहिए।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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