कोरोना (कोविड) से मिलते जुलते नाम के प्रजाति वाले कौवे होते हैं चालाक, जानें इनके हर काम में माहिर होने की वजह

  • इस प्रजाति के कौवे अपनी बुद्धिमता के कारण ही किसी भी मुश्किल परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं।

Piyush Jayjan

26 Mar 2020, 09:12 AM IST

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) की वजह से पूरी दुनिया में भयंकर तबाही मची हुई है। इस वायरस से बचने के लिए तमाम देश अपनी पुरजोर कोशिश कर रहे है मगर यह सभी इंतेजाम नाकाफी साबित हो रहे है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सबसे कारगर तरीका माना गया कि इस बीमारी को कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को रोका जा सकें।

आज हम इसी नाम से मिलते-जुलते कौवों ( Crows ) की एक ऐसी प्रजाति के बारे में बताएंगे जो बेहद ही चालाक किस्म की होती है। कौवे ( Crows ) को किसी भी परिस्थिति में ढलने में सबसे सक्षम पक्षी ( Birds ) माना जाता है। आइए जानते हैं इन कौवों के बारे में...

लॉकडाउन में दोस्त के घर जाने के लिए मांगी परमिशन, दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर दिया बड़ा ही मजेदार जवाब

कोविर्ड ( Covird ) नामक प्रजाति ( Species )से ताल्लुक रखने वाले कौवे सबसे ज्यादा होशियार होते हैं। इस प्रजाति में नीलकंठ, मीना और पहाड़ी कौवे भी शामिल हैं। इनके बारे में कहा जाता है कि यह किसी भी परिस्थिति में अपना सामंजस्य आसानी से बैठा लेते हैं।

विशेषज्ञों के द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक ये कौवे बहुत ही चतुराई से काम लेते हैं। अमूमन बंदर, लंगूर और इंसानों के दिमाग में न्यूकारटिक्स पाया जाया जाता है। जिसकी वजह से इन सभी को होशियार माना जाता है। मगर कोविर्ड प्रजाति के कौवों के दिमाग में न्यूरोन पाए जाते हैं, जो इन्हें अधिक दिमाग वाला बनाते है।

लॉकडाउन में मुंबई पुलिस ने लोगों के लिए जारी किया राशिफल , घर से निकलने से पहले इसे जरूर देख लें

कोविर्ड ( Covird ) प्रजाति अपने इसी दिमाग के बलबूते किसी भी मुश्किल परिस्थिति में ढ़लने में सक्षम रहती हैं। ऐसा नहीं कि यह कौवे ही इस तरह के कामों में ज्यादा माहिर होते है, बल्कि विशेषज्ञों के मुताबिक आसाधरण काम करने वाले केवल यही अकेले पक्षी नहीं हैं।

coronavirus
Piyush Jayjan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned