1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शादी का कार्ड डिजाइन करवाते समय ध्यान रखें वास्तु की इन बातों का, सुखी रहेगा दाम्पत्य जीवन

क्या आप जानते हैं कि आमंत्रण पत्र के लिए भी वास्तु में कुछ जरूरी बातें बताई गई हैं, जिनका अगर पालन किया जाए तो वर-वधू का दाम्पत्य जीवन बहुत अच्छा बीतता है।

2 min read
Google source verification

image

Sunil Sharma

Mar 05, 2021

invitation_card_vastu_tips_in_hindi.jpg

विवाह समारोह में हम सभी छोटी-बड़ी चीजों पर बहुत ध्यान देते हैं यहां तक कि शादी का कार्ड भी बहुत ही मेहनत के साथ डिजाईन करवाया जाता है। परन्तु क्या आप जानते हैं कि आमंत्रण पत्र के लिए भी वास्तु में कुछ जरूरी बातें बताई गई हैं, जिनका अगर पालन किया जाए तो वर-वधू का दाम्पत्य जीवन बहुत अच्छा बीतता है। वास्तु में शादी के कार्ड डिजाइन से लेकर उसके रंग, छपने वाले अक्षर, आकार का खासतौर पर ध्यान रखते हैं। जानिए ऐसी ही कुछ बातों के बारे में-

QS वर्ल्ड रैंकिंग की टॉप-100 में 12 भारतीय इंस्टीट्यूट शामिल, IIT बॉम्बे 49वें स्थान पर

चांद पर जाने का आपका सपना पूरा कर सकता है ये अरबपति

खास आकृति चुनें
जिंदगी में खुशहाली के लिए फूलों को खास जरिया माना जाता है। ऐसे में बात की जाए वास्तु के मुताबिक सही फूल की तो कमल का फूल काफी शुभ माना जाता है। इसलिए यदि कार्ड में कहीं भी एक छोटे आकार ही सही, यदि कमल के फूल की आकृति कार्ड में छपवा दी जाए तो इससे वर-वधु के जीवन में सरलता और खुशियां आती हैं।

अक्षरों का चयन
आकर्षक दिखाने के कारण अक्सर लोग वर-वधु के जुड़ी अन्य जानकारी के लिए कोई भी रंग का इस्तेमाल कर लेते हैं। जो कि गलत है। वास्तु के अनुसार कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन या अन्य परिजनों का नाम किसी भी गहरे रंग से नहीं लिखा होना चाहिए वर्ना भविष्य में जीवन में अंधकार रहता है। इसलिए कोशिश करें कि ऐसे रंगों का चयन करें जिनसे सकारात्मक भाव आने के साथ अच्छा अहसास हो।

तस्वीर न छपवाएं
आमतौर पर निमंत्रण देने और आयोजन के निपटने के बाद ये कार्ड किसी काम के नहीं रहते हैं। ऐसे में कुछ लोग तो इन्हें कूड़े में या फाडक़र फेंक देते हैं। यदि इनपर सिर्फ शब्द हों तो कोई नुकसान नहीं। लेकिन आजकल जिस तरह चलन आमंत्रण-पत्र पर दूल्हा-दुल्हन की तस्वीर छपवाने का है, उस हिसाब से जब इन्हें फेंका जाता है तो इन तस्वीरों की हालत बुरी हो जाती है, ऐसा नहीं होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार इनपर सिर्फ शब्दों का प्रयोग ही शुभ माना जाता है।

अच्छे रंगों का हो चुनाव
अक्सर सुनने में आता है कि शादी के अलावा किसी भी तरह के शुभ कार्य में गहरे रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इन्हें अशुभ माना जाता है। खासतौर पर नीला, बैंगनी, ऑफ व्हाइट, ग्रे और काला रंग। इसका कारण इनसे नकारात्मक दृष्टिकोण और कार्यों में बाधा आने का संकेत होता है। इसलिए इन्हें शुभ नहीं माना जाता। इनकी जगह पर हरे और पीले रंग को सर्वोत्तम माना जाता है। साथ ही लाल रंग भी मांगलिक कार्यों में उपयोगी होता है। ऐसे में हरा, पीला या लाल रंग का कार्ड चुना जा सकता है।

हर तरह से सकारात्मक
वास्तु के अनुसार निमंत्रण-पत्र का आकार न ही ज्यादा बड़ा होना चाहिए और न ही ज्यादा छोटा। साथ ही ध्यान रखें कि यह टेढ़ा-मेढ़ा भी नहीं होना चाहिए। इसी के साथ जितना सिंपल आप इसे बनवा सकते हैं वैसा बनवाएं। इससे भविष्य में वर-वधु का जीवन सरलता से बीतेगा। कार्ड के आकार से दूल्हा-दुल्हन के विचार का जुड़ाव माना जाता है। इसलिए आकार ऐसा रखें जिससे कि विचार संक्षिप्त रूप से सामने वाले को समझ में आ सके। ज्यादा बड़े कार्ड का तात्पर्य विचारों में बिखराओ का संकेत हो सकता है।