समस्याओं से जूझ रहे हैं बीदर जिले के चारों औद्योगिक क्षेत्र

समस्याओं से जूझ रहे हैं बीदर जिले के चारों औद्योगिक क्षेत्र
-बिजली, पानी, रोडलाइट आदि की बनी हुई हैं समस्याएं
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Published: 22 Jul 2021, 09:48 AM IST

समस्याओं से जूझ रहे हैं बीदर जिले के चारों औद्योगिक क्षेत्र
हुब्बल्ली
बीदर जिले में बीदर शहर, ग्रामीण, हुमनाबाद, बसवकल्याण सहित कुल चार औद्योगिक क्षेत्र हैं। चारों औद्योगिक क्षेत्र समस्याओं से जूझ रहे हैं।
महाराष्ट्र तथा तेलंगाना से सटे बीदर जिले का वातावरण औद्योगिक विकास के अनुपूरक है। हैदराबाद, सोलापुर, लातूर जैसे महानगरों में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जिले के औद्योगिक क्षेत्र अनुपूरक हैं। सरकार की ओर से सुविधा प्राप्त न होने की वजह से बीदर जिले में औद्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं हुआ। बीदर जिले के चारों औद्योगिक क्षेत्र किसी न किसी समस्या से जूझ रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पानी तथा स्ट्रीट लाइट की समस्या है।

बीदर में चाहिए कारंजा बांध का पानी

बीदर शहर के औद्योगिक क्षेत्र के लिए 5 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए कारंजा बांध से पानी उपलब्ध करवाने के लिए 25 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। जिला औद्योगिक केंद्र के अधिकारियों की ओर से सरकार को प्रस्ताव सौंपा गया है। अभी तक सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

बॉयलर लगाने की अनुमति नहीं मिल रही

नवबाद औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र के निकट वायुसेना प्रशिक्षण केंद्र है। वायुसेना के अधिकारी चिमनी (बॉयलर) लगाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। नई विधि की चिमनी लगाने के आदेश दे रहे हैं। औद्योगिक इकाई शुरू करने के लिए वायुसेना प्रशिक्षण केंद्र से भी अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। बीदर तालुक के कोलार औद्योगिक क्षेत्र में कई साइट आज भी खाली पड़े हैं। जिस मकसद के से साइट खरीदी गई है उस मकसद के लिए साइट का उपयोग नहीं किया जा रहा है।

बंद पड़ी हैं कई औद्योगिक इकाइयां

निर्वाचित प्रतिनिधि अधिकारियों को बार-बार निर्देश देते रहे हैं कि वे बंद पड़ी औद्योगिक इकाई के बारे में जानकारी हासिल करें। जो औद्योगिक इकाई नहीं चला सकते उनके बदले अन्य उद्योगपतियों को अवसर दिया जाना चाहिए। लोकप्रतिनिधियों की ओर से निर्देश दिए जाने के बावजूद अभी तक अधिकारियों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

केमिकल फैक्ट्रियों की समस्याएं

केंद्रीय मंत्री सांसद भगवंत खूबा ने वर्ष 2020 फरवरी में सहयोगी प्रशिक्षण संस्थान के सभागृह में औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए आवश्यक मूल सुविधा की उपलब्धि के बारे में तथा समस्याओं का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की थी जिले के विकास के लिए अधिकारी नई योजना नहीं बना रहे हैं। लोकप्रतिनिधियों के साथ परामर्श भी नहीं कर रहे हैं। अब भगवंत खूबा को केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है। इससे उम्मीद जगी है कि केमिकल फैक्ट्रियों की समस्याओं का समाधान अवश्य होगा।

स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा रोजगार

कोलार गांव के विकास तथा प्रशांत का आरोप है कि जिले में सौ से अधिक लघु औद्योगिक इकाई होने के बावजूद स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर नहीं दिया जा रहा है। सभी औद्योगिक इकाई में बाहरी राज्य के यानी उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्यप्रदेश के श्रमिक ही अधिक हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया करवाने की मांग विकास तथा प्रशांत ने रखी।

औद्योगिक क्षेत्र में अंधेरा

बीदर तालुक के कोलार औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख सड़क को छोड़कर अन्य कहीं भी स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से श्रमिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात की पारी में काम पर जाने वालों तथा रात की पारी के बाद घर लौटने वाले श्रमिकों को अंधेरे के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1986 में बीदर को उद्योग रहित क्षेत्र घोषित कर विशेष अनुदान के अंतर्गत कोलार तथा नवबाग में औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया गया। बीदर जिला लघु औद्योगिक संघ के प्रधान सचिव पृथ्वीराज ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 35 साल बीत जाने के बावजूद मूल सुविधा प्राप्त नहीं हो रही है। पृथ्वीराज ने श्रमिकों को शुध्द पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग रखी है। स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से चोरों की सक्रियता बढ़ी है। वे रात के वक्त घर लौटने वालों पर हमला कर पैसे व मोबाइल छीनकर भाग जाते हैं। श्रमिक चाहते हैं कि यहां पर पुलिस चौकी का निर्माण किया जाए।

श्रमिक सुविधा से वंचित हैं

केआईएडीबी की ओर से हुमनाबाद शहर के बाहरी औद्योगिक क्षेत्र को विकसित किया गया है। पच्चीस औद्योगिक इकाइयों में से 8 औद्योगिक इकाई में केमिकल उत्पादित किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं है जिससे कि कारखाने से निकलने वाला रसायन युक्त पानी आसानी से बह सके। कारखाने का गंदा पानी खेतों में घुस रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में हजारों श्रमिक काम कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से श्रमिकों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Zakir Pattankudi Incharge
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