रायपुर. धर्म, संस्कृति, प्रकृति, पर्यावरण, प्रेम, एकता, भाईचारा और सामाजिक समरसता के मूल्यों से सराबोर रहा छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में (1 जून से 3 जून तक)आयोजित तीन दिन का राष्ट्रीय रामायण महोत्सव। इन अलौकिक पलों के लाखों लोग साक्षी बने, जो इस महोत्सव की अमिट छाप अपने ह्रदय में हमेशा महसूस करेंगे।
लगातार 72 घंटों तक रामधुन से गुंजायमान रहा माता कौशल्या का धाम छत्तीसगढ़। इस राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में देश-विदेश की रामायण मंडलियों की विलक्षण प्रस्तुति ने भक्तों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतिम क्षण तक लाखों लोग भक्ति में लीन होकर झूमते रहे। राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के दौरान अरण्यकाण्ड पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कर्नाटक के दल को प्राप्त हुआ। दल प्रमुख को स्मृति चिन्ह, राजकीय गमछा, रामचरित मानस की प्रति और 5 लाख रुपए की राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में पहला वल्र्ड रेकॉर्ड अरण्य कांड पर सबसे ज्यादा समय तक, तीन दिनों तक लगातार 765 मिनट तक अरण्य कांड का मंचन करने पर बना। छत्तीसगढ़ सहित 13 राज्यों और दो विदेशी दलों के 17 दलों के 375 कलाकरों ने इसमें हिस्सा लिया। राज्य के संस्कृति विभाग को ‘मोस्ट स्टेज आर्टिस्ट परफार्मिंग ऑन अरण्यकाण्डÓ का रेकॉर्ड प्रदान किया गया।