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इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 10 प्रतिशत की मौत

राष्ट्रीय मृत्युदर करीब सवा तीन प्रतिशत, इधर कब्रिस्तानों में आई लाशों का हिसाब नहीं  
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इंदौर

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Lakhan Sharma

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Updated: 10 Apr 2020, 10:51 AM IST

Corona alert: गुजरात में मरकज से 126 लोगों की पहचान

Corona alert: गुजरात में मरकज से 126 लोगों की पहचान

लखन शर्मा, इंदौर।

कोरोना पॉजिटिव मरीजों की राष्ट्रीय मृत्यु दर करीब सवा तीन प्रतिशत है। तीन प्रतिशत लोगों की मौत होती है, बाकी ठीक हो जाते हैं। इंदौर में यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। अब तक 235 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं, इनमें से 23 की मौत हो चुकी है, यानी इंदौर में 10 प्रतिशत से अधिक लोग कोरोना संक्रमण से मौत का शिकार हो रहे हैं। उधर कब्रिस्तानों में पहुंच रही लाशों का हिसाब नहीं है।
वहीं मध्य प्रदेश में भी कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर साढ़े सात प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर इस महामारी से मृत्यु दर (करीब सवा तीन प्रतिशत) से दोगुने से भी ज्यादा है। बुधवार रात तक मध्य प्रदेश में कुल 385 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए थे, जिनमें से 29 लोगों (गुरुवार तक 31) यानी साढ़े सात प्रतिशत की मौत हो चुकी है। इंदौर में यह आंकड़ा कल दो मौतों के बाद सीधे 10 प्रतिशत पर पहुंच गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से प्राप्त ताजा जानकारी के मुताबिक देशभर में बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 5,274 हो गई थी और इस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 149 यानी 2.8 प्रतिशत है। इस हिसाब से आईसीएमआर के आंकड़ों से तुलना करने पर भी मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर राष्ट्रीय मृत्यु दर से 4.7 प्रतिशत अधिक है, जो दोगुने से भी ज्यादा है। वहीं इंदौर में लगभग चार गुना है।

गुरुवार तक कुल 411 लोग संक्रमित
मध्यप्रदेश में गुरुवार रात तक कुल 411 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में सबसे अधिक 235 संक्रमित मरीज इंदौर में मिले हैं, जबकि इसके बाद 98 मरीज भोपाल में पाए गए हैं। प्रदेश में अब तक 33 लोगों की मौत कोरोना वायरस के संक्रमण से हो चुकी है, जिनमें से इंदौर में 23, उज्जैन में पांच, भोपाल, खरगोन और छिंदवाड़ा में एक-एक शामिल है। इंदौर में एक डॉक्टर की भी मौत इससे हो चुकी है।

अनजान लाशों का हिसाब नहीं
उधर शहर के कब्रिस्तानों में 1 अप्रेल के बाद एकाएक बढ़ी लाशों का हिसाब नहीं है। इन्हें रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया और सामान्य मौतें बताया जा रहा है। यह आंकड़ा भी चौंकाने वाला है। 1 अप्रेल से 9 अप्रेल तक इंदौर के कब्रिस्तानों में 183 लोगों को दफनाया गया था। जबकि पूरे मार्च महीने में 130 जनाजे पहुंचे थे। अब भी यह सिलसिला जारी है। कल भी कब्रिस्तानों में 11 जनाजे पहुंचे। इनमें से अधिकतर का हिसाब नहीं है, जिस पर कई सवाल खडे हो रहे हैं।