‘11 हजार किसानों का 28 करोड़ का कर्जा माफ, फिर से मिलने लगा है लोन’

‘11 हजार किसानों का 28 करोड़ का कर्जा माफ, फिर से मिलने लगा है लोन’

Hussain Ali | Publish: Jul, 17 2019 09:30:00 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

हालांकि 1200 किसानों का कर्जा अभी माफ होना बाकी है, जिनका प्रकरण तकनीकी कारणों से अटक गया।

इंदौर. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था, जिसे सरकार पूरा करने में जुटी हुई है। इंदौर में चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। 11 हजार किसानों का आईपीसी बैंक ने 28 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया है। हालांकि 1200 किसानों का कर्जा अभी माफ होना बाकी है, जिनका प्रकरण तकनीकी कारणों से अटक गया।

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लंबे समय बाद सोमवार को इंदौर जनपद की बैठक हुई जिसकी शुरुआत ही गरमागरम बहस से हुई। सीईओ कुसुम मंडलोई ने कोरम पूरा नहीं होने पर इंतजार करने का कहा तो स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिनिधि रामसिंह पारिया व उच्च शिक्षा मंत्री के प्रतिनिधि हरिओम ठाकुर ने विरोध कर दिया। कहना था कि जनप्रतिनिधि सारे हैं अफसरों के पते नहीं हैं। कोरम की चिंता थी तो सबको सख्ती से बुलाना था।

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शुरू हुई चर्चा में कृषि विस्तार अधिकारी संजीव कुलश्रेष्ठ की सदस्यों ने घेराबंदी करते हुए कहा कि लोन संबंधी प्रक्रिया बताएं। अब तक क्या हुआ जानकारी दी जाए। इस पर कुलश्रेष्ठ का कहना था कि ये काम हमारा नहीं सहकारिता विभाग व आईपीसी बैंक कर रही है। फोन लगाने पर बैंक के एमडी सुधीर कुमार खरे पहुंच गए। चर्चा के दौरान उन्होंने आंकड़े पेश किए जो चौंकाने वाले थे। कहना था कि जय किसान ऋण योजना में दो लाख तक के एनईए खाते में जमा हो गए हैं। कुल 12 हजार 242 केस थे जिसमें से 10920 किसानों का 28 करोड़ रुपए माफ कर दिया गया है। 12 सौ 22 किसान रह गए हैं जिनका लोन माफ होना है। खरे का दावा है कि किसानों को फिर से कर्जा देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

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जब अफसर नहीं सुनते तो ले लो इस्तीफा

बैठक में महिला सदस्य लक्ष्मीबाई ने अफसरों की मनमानी का आरोप लगाकर इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। इस पर सदस्यों ने रोका। इस पर मंत्री प्रतिनिधि हरिओम ठाकुर का कहना था कि आज तक उद्योग समिति की बैठक नहीं हुई। खुद को ठगा महसूस करके उसकी वजह से अध्यक्ष फरीदा मोहम्मद ने बैठकों में आना छोड़ दिया। इस पर तुरत-फुरत लघु उद्योग निगम की उप प्रबंधक को बैठक करने के निर्देश जारी किए गए।

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सीईओ ने रोका पेमेंट, भडक़े प्रतिनिधि

स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिनिधि पारिया और जनपद सीईओ मंडलोई के बीच में जमकर तकरार हुई। पारिया का कहना था कि जनपद में हो रहे कामों का समय पर भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है। इस वजह से ठेकेदारों ने काम की गति धीमी कर दी है। जबकि सब इंजीनियरों ने पहली किश्त का भुगतान करने की अनुशंसा कर दी। फिर क्यों रोका जा रहा है।

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इस पर मंडलोई ने दौरा करने की बात कही तो पारिया का कहना था कि ये आपका अधिकार नहीं है। नियम से सब इंजीनियर की रिपोर्ट पर फाइल आगे बढऩा चाहिए। इतने काम चल रहे हैं आप पहुंच नहीं पा रही हैं और वहां काम लेट हो रहा है। अब तक जहां पर आप थी वहां ऐसा चलता होगा, लेकिन यहां नहीं चलेगा। चुनाव सामने आ गए हैं, आचार संहिता लग जाएगी तो सब रूक जाएगा। पहले ही हमारे कार्यकाल में दो चुनाव की वजह से काम प्रभावित हुए हैं।

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