scriptmore than 100 students are failed in ba 1st year hindi english paper devi ahilya University indore | इस यूनिवर्सिटी में हिन्दी-अंग्रेजी में 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स फेल | Patrika News

इस यूनिवर्सिटी में हिन्दी-अंग्रेजी में 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स फेल

locationइंदौरPublished: Dec 19, 2023 01:30:43 pm

Submitted by:

Sanjana Kumar

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में बीए, बीकॉम और बीएससी फस्र्ट ईयर की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में सोमवार को हुई फाउंडेशन यानी हिन्दी व अंग्रेजी के संयुक्त पेपर में बड़ी गफलत सामने आई है...

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देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में बीए, बीकॉम और बीएससी फस्र्ट ईयर की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में सोमवार को हुई फाउंडेशन यानी हिन्दी व अंग्रेजी के संयुक्त पेपर में बड़ी गफलत सामने आई है। करीब 10 सेंटर पर 100 से ज्याद विद्यार्थी केवल अंग्रेजी का पेपर देने पहुंचे, जबकि दोनों विषय में पास या फेल के नंबर संयुक्त होते है। जिससे दोनों विषय की परीक्षा देना होती है। इस कारण सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई। यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों को परीक्षा में तो शामिल कर लिया लेकिन मार्किंग नियमानुसार करने और पास होने की गारंटी नहीं दी है। यूनिवर्सिटी की फस्र्ट ईयर की सप्लीमेंट्री की परीक्षाएं 12 दिसंबर से शुरू हुई है। सोमवार को सुबह आठ बजे शुरू हुई फाउंडेशन-1 यानी हिन्दी व अंग्रेजी के पेपर में कई विद्यार्थी तय समय 7.45 के बजाय 8.30 बजे परीक्षा सेंटर पर पहुंचे। सेंटर्स ने इन्हें परीक्षा में बैठाने से इंकार कर दिया।

दोनों पेपर साथ में होते है

विद्यार्थियों तर्क दिया कि वो हिन्दी विषय में पास है और इसलिए केवल अंग्रेजी विषय की परीक्षा देने आए हैं। टाइम-टेबल में हिन्दी विषय का पेपर सुबह 8 से 9 बजे और अंग्रेजी विषय का पेपर 9 से 10 बजे तक था। परीक्षा सेंटर का कहना था कि दोनों पेपर साथ में ही होते है और समय के बाद आने के कारण इन्हें परीक्षा में नहीं बैठाया जा सकता। करीब 10 सेंटर पर 100 से ज्यादा विद्यार्थी एकत्रित हो गए तो सेंटर के प्रभारियों ने यूनिवर्सिटी से मार्गदर्शन चाहा। यूनिवर्सिटी ने भी उनके नियम को सही माना लेकिन विद्यार्थियों के हंगामे के कारण इन्हें अंग्रेजी की परीक्षा में बैठने के लिए मान्य किया गया। इस प्रकार विद्यार्थियों ने केवल अंग्रेजी की परीक्षा दी।
कही भी अलग-अलग नहीं होता है

यूनिवर्सिटी का कहना है कि कही भी यह साफ नहीं होता है कि विद्यार्थी हिन्दी में पास है और अंग्रेजी में फेल है। दोनों विषय के संयुक्त नंबर से ही पास या फेल का फैसला होता है। मार्कशीट में भी यही स्थिति रहती है। अगर विद्यार्थी संयुक्त रूप से जरुरत वाले नंबर नहीं ला पाएंगें तो इन्हें फेल ही माना जाएगा। बताया जा रहा है कि कॉलेजों ने विद्यार्थियों को गलत जानकारी दी कि वो एक विषय में पास है और दूसरे में फेल है। इस प्रकार गफलत में इन विद्यार्थियों के सामने फेल होने का संकट आ गया है।

फाउंडेशन के अंतर्गत है दोनों पेपर

सोमवार को सुबह 8 बजे से हिन्दी और 9 बजे से अंग्रेजी का पेपर था। यह दोनों पेपर फाउंडेशन-1 के अंतर्गत आते है। उच्च शिक्षा विभाग की नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत फाउंडेशन-1 के इन दोनों पेपर में संयुक्त रूप से 30 से ज्यादा नंबर आने पर पास और उससे कम नंबर लाने पर फेल माना जाता है। यह दोनों पेपर मल्टीपल च्वाइस प्रश्न वाले होकर ओएमआर शीट पर लिए जाते हैं। इसी प्रकार 19 दिसंबर को भी फाउंडेशन-2 का पेपर है, जिसमें दो पेपर इनवायर्नमेंटल स्टडीज और योगा के दो अलग-अलग पेपर है। इसमें भी मार्किंग संयुक्त रहती है और दोनों पेपर की परीक्षा देना होती है।

गफलत हुई है..

सुबह कई सेंटर पर गफलत हुई है। करीब 10 सेंटर पर 100 से ज्यादा विद्यार्थी एक विषय में ही परीक्षा देने पहुंचे जबकि इन्हें दोनों विषय की परीक्षा देना था। हमने इन्हें परीक्षा में शामिल कर लिया है, लेकिन मार्किंग नियमानुसार ही होगी।

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