
अब इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के फरार चेयरमैन सहित 12 की संपत्ति होगी कुर्क
इंदौर. व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) में हुए पीएमटी 2012 परीक्षा घोटाले में करीब सवा साल से फरार इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया समेत 12 फरार आरोपियों की अब संपत्ति कुर्की की कार्रवाई होगी। विशेष न्यायालय भोपाल ने शनिवार को सीबीआइ को सभी फरार आरोपियों की संपत्ति का पता लगाकर कुर्की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विशेष सत्र न्यायाधीश भगवत प्रसाद पाण्डेय ने शनिवार को सीबीआइ के वकील सतीश दिनकर के मार्फत सीबीआइ को इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के अनुसार लंबे समय से आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कुर्की की कार्रवाई जरूरी है।
इनकी संपत्ति होगी कुर्क
पीएमटी 2012 परीक्षा घोटाले के मामले मे सीबीआई ने 23 नवंबर 2017 को चालान पेश किया था। इसमें कुल 756 आरोपी बनाए गए हैं। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया, डॉ. पवन भम्बानी, सुमन कुमार, सुभाष सिंह, जितेन्द्र वरसेना, पंकज कुमार, मनोज कुमार निशाद, प्रेमधर, गुलाबचंद पाल, अनुज मौर्य, अनिल और अकरम आलम फरार हैं। चालान पेश करने के बाद से हर पेशी पर इन 12 आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे हैं।
गिरफ्तारी से बच रहे भदौरिया
सुनवाई के दौरान सीबीआई के निरीक्षक गुरजिन्दर सिंह ने बताया कि इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया और डॉ. पवन भम्बानी के गिरफ्तारी वारंट की तामिली के लिए सीबीआइ ने कई बार दोनों परिसर पर छापे मारे। दोनों के कार्यालयीन परिसर क्लोज कंपाउड में है। मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। सीबीआई के अधिकारी कार्यालय मे प्रवेश करते हैं, तब दोनों आरोपी बड़ी असानी से दूसरे परिसर में खुद को छिपा लेते हैं। इसके अलावा अन्य फरार आरोपियों की भी जानकारी मिलने पर शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी। अदालत ने इस पर सीबीआई को फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्की की कार्यवाही सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
यह है मामला
पीएमटी परीक्षा घोटाले के मामले में सीबीआई ने 23 नवंबर 2017 को 756 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स, चिरायु, इंडेक्स और एलएन मेडिकल कॉलेज की चेयरमैन सहित कॉलेज लेवल एडमीशन कमेटी के सदस्यो को आरोपी बनाया था। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने डीएमई को गलत जानकारी देकर कॉलेज मे अपात्र छात्रो को एडमीशन दिया है।
Published on:
03 Feb 2019 01:23 am
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