Lockdown में OTT पर Time Spent करने वालों की संख्या में 150 फीसदी तक का इजाफा

  • Film Maker शिवदर्शन साबले के अनुसार OTT पर Time Spent करने वालों की औसतन उम्र हुई 35 से 55 वर्ष
  • OTT or Vedio Streaming पर लोग 93 फीसदी समय हिंदी और स्थानीय भाषाओं पर बिताते हैं

By: Saurabh Sharma

Updated: 24 Jun 2020, 07:03 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) में देश के करोड़ों लोग घरों में रहे। अनलॉक - 1 ( Unlock 1.0 ) में भी करोड़ों की संख्या में लोग घरों में ही है और अपना काम घर से ही कर रहे हैं। इस दौरान जो बात निकलकर सामने आई है वो है ओटीटी यूजर्स ( OTT Users ) की संख्या में बढ़ोतरी की। साथ इस दौरान लोगों ने ओवर द टॉप ( OTT ) या ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग ( Online Video Streaming ) पर ज्यादा वक्त बिताया है। एक फिल्ममेकर के अनुसार ओटीटी प्लेटफॉर्म ( OTT Platform ) को स्ट्रीम करने वाले लोगों की औसतन उम्र भी 35 से 55 साल हो चुकी है।

वहीं इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिले हैं। राजस्थान में हाल ही में दो अलग-अलग घटनाएं घटी जो ओटीटी में मौजूद हिंसक वीडियो से प्रेरित होकर की गई थी। आइए आपको भी विभिन्न रिपोट्र्स के हवाले से बताते हैं कि आखिर भारत में लॉकडाउन के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म की स्थिति देखने को मिली है।

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लॉकडाउन में बढ़ी ओटीटी के व्यूअर्स की औसत उम्र
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देश के अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, ऑल्ट बालाजी, वूट, जी5, इरोज आदि को मिलाकर देश में 36 ओटीटी एवं वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म हैं। खास बात तो ये है कि इन पर वक्त गुजारने वालों की औसत उम्र में भी इजाफा देखने को मिला है। इस बारे में फिल्ममेकर शिवदर्शन साबले का कहना है कि उनके अनुसार यह पुख्ता प्रमाण है कि लॉकडाउन में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को काफी बढ़ावा मिला है। इससे पहले स्ट्रीमिंग में वक्त गुजारने वालों की दुनियाभर में औसतन उम्र 30 से कम थी, वहीं लॉकडाउन में स्ट्रीमिंग तमें वक्त बिताने वाले लोगों की सख्या में इजाफा होने से औसतन उम्र 35 से 55 वर्ष हो गई है।

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हिंदी और रिजनल लैंग्वेज पर ज्यादा ध्यान
अगर बात भारत की करें तो यहां पर हिंदी और इंब्लिश के अलावा और भी कई भाषाओं में संवाद होता है। कई टीवी चैनल रिजनल लैंग्वेज में मौजूद हैं। ऐसे में ओटीटी भी इसमें कैसे पीछे रह सकते हैं। अन्स्र्ट एंड यंग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में अपना 93 फीसदी समय हिंदी और दूसरी स्थानीय भाषाओं के वीडियो देखकर गुजारते हैं। जिसका नतीजा यही है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉम्र्स हिंदी और अंग्रजी के साथ दूसरी भाषाओं में आ रहे हैं।

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लॉकडाउन में कितनी बढ़ी ओटीटी इंडस्ट्री
लॉकडाउन के दौरान ओटीटी इंंडस्ट्री में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। बार्क निलसन की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2020 के दूसरे सप्ताह में पिछली साल की समान अवधि के मुकाबले 67 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। कोरोना काल में यह इजाफा ओटीटी के तमाम सेगमेंट जैसे लाइव टीवी, फिल्म, ऑरिजिनल वेब सीरीज आदि सभी में देखने को मिला है।

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150 फीसदी तक बढ़ी व्यूअरशिप
एमके ग्लोबल की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार प्री कोविड काल के मुकाबले कोरोना पीरियड में ओटीटी के मेजर प्लेयर्स जैसे जी5, एमएक्स प्लेयर, वूट, इरोज नाउ, होईचोई, हंगामा, और ऑल्ट बालाजी की व्यूअरशिप में 75 फीसदी से लेकर 150 फीसदी तक का इजाफा देखने को मिला है।

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