जिले में धान की बंपर पैदावार को ध्यान में रखकर समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार ज्यादा संख्या में खरीदी केंद्र बनाने की योजना बनाई गई है। खरीदी प्रक्रिया से जुड़े विभागों ने उनकी मैपिंग शुरू कर दी है।
जबलपुर। जिले में धान की बंपर पैदावार को ध्यान में रखकर समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार ज्यादा संख्या में खरीदी केंद्र बनाने की योजना बनाई गई है। खरीदी प्रक्रिया से जुड़े विभागों ने उनकी मैपिंग शुरू कर दी है। 5 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। खरीदी शुरू होने की संभावित तिथि 28 नवंबर है।
धान की कटाई शुरू हो गई है। धान को अब सुखाया जा रहा है। जैसे ही तिथि की अधिकृत घोषणा होती है, किसान अपनी उपज को खरीदी केंद्र ले जाएंगे। इस बार जिला विपणन संघ ज्यादा संख्या में खरीदी केंद्र बनाएगा। पिछली बार 107 जगहों पर केंद्रों का निर्माण किया गया था। इस साल यह संख्या 115 से 120 के बीच हो सकती है। धान की अच्छी पैदावार हुई है। यही नहीं 50 हजार से अधिक किसानों ने अपना पंजीयन भी कराया है। उनकी सहूलियत को देखते हुए ज्यादा केंद्र बनाए जा रहे हैं।
जिले में इस साल पांच लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है। समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीदी के लिए सभी तहसील क्षेत्र में खरीदी केंद्रों का निर्धारण किया जा रहा है। ज्यादातर केंद्र गोदामों बनाए जा रहे हैं ताकि उनका भंडारण आसान हो सके। हालांकि अभी निजी गोदाम संचालक और शासन के बीच किराए को लेकर विवाद चल रहा है। इसलिए मैङ्क्षपग के काम में बाधा आ रही है। इस बीच आगामी एक पखवाड़े में खरीदी से जुड़ी सभी तैयारियों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
अंतिम चरण में सत्यापन
खरीदी प्रक्रिया से पहले किसानों के पंजीयन का सत्यापन किया जा रहा है ताकि अवैध रूप से धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर नहीं हो सके। जिले में पंजीकृत 50 हजार से ज्यादा किसानों में 26 हजार से ज्यादा के पंजीयन की जांच तहसील स्तर पर हो रही है। जिन किसानों के पंजीयन में संदेह है, उन्हें निरस्त करने का काम भी किया जा रहा है।
जिले में धान की खरीदी के लिए तैयारियां की जा रही हैं। खरीदी केंद्रों को अंतिम निर्धारण जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस बार पांच लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है। तैयारियां की जा रही हैं।
रोहित बघेल, जिला प्रबंधक विपणन संघ