
जयपुर ।
औषधि नियंत्रण संगठन ने शुक्रवार को करीब 40 लाख की नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा है। संगठन को सूचना मिली थी कि सुदर्शनपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित थीया टेक्नोलोजी प्रा. लि. से आनलाइन फार्मेसी के जरिये बेहद कम कीमत पर दवाइयों की बिक्री की जा रही थी। जब्त दवाइयां हृदय रोगियों में रक्तचाप कम करने में काम आती हैं, जिन्हें कि सीज कर दिया है। इसके अलावा फिल्म कॉलोनी, 22 गोदाम, वीकेआई व कालवाड़ स्कीम स्थित अन्य स्थानों पर भी दवा विक्रेताओं के यहां कार्रवाई की गई। वहीं, जांच के लिए जयपुर जिले में 44 दवाओं के नमूने लिए गए।
औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि फर्म की जांच के दौरान वहां दिल के मरीजों के काम आने वाली दवा लोसार एच की नकली दवाइयां मिलीं। दोनों की लैबलिंग में अंतर पाया गया। टीम ने इस दवा की आपूर्ति कर्ता फर्म फिल्म कॉलोनी स्थित दक्ष फार्मेसी पर भी कार्यवाही की। यहां करीब 36 लाख रुपए कीमत की यह दवा मिली। उक्त फर्म दिल्ली में भागीरथ पैलेस से इन दवाओं को मंगवाकर यहां बेचती है। इस पर दिल्ली औषधि नियंत्रक को भी कार्रवाई के लिए सूचित किया गया।
वहीं, औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने प्रदेश में इस दवा की जब्ती की कार्यवाही शुरू कर दी है। देर रात तक करीब 40 लाख रुपए की दवाइयां बरामद होने का अनुमान है। इस फर्म से संदेह के आधार पर डायबिटीज व दिल की अन्य दवाइयों को भी जब्त किया है। इनकी बिक्री में भी संदेह माना गया है। इनकी जांच के बाद आगे की कार्यवाही होगी। देर रात तक इस प्रकरण में कार्यवाहियां जारी थीं।
मूल कंपनी सिक्किम की
कार्यवाही में मुख्यतया ब्लड प्रेशर के उपचार में काम आने वाली दवा लोसार एच टेबलेट (बैच संख्या 9 एफजेड 9 ई 047) निर्माता टोरेंट फॉर्मा सूटिकल लिमिटेड सिक्किम की यह मूल दवा है, जिसकी नकली दवा बिकती हुई पाई गई।
दिमागी बुखार के इंजेक्शन भी पकड़े थे नकली
संगठन की टीम ने कुछ माह पहले जयपुर में बच्चों को लगाए जाने वाले दिमागी बुखार के टीके भी नकली पकड़े थे। यह कार्यवाही जयपुर के साथ ही जोधपुर में भी की गई थी।
Published on:
10 Aug 2019 09:23 am

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