वायुसेना देश में बने 'तेजस से खुद को मजबूत करेगी

पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 मई को देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात कहते हुए स्थानीय वस्तुओं का उपयोग बढ़ाने की बात कही थी। अब इसकी शुरुआत हो चुकी है। भारत ने 2018 में 114 लड़ाकू विमान खरीदने को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से टेंडर मांगे थे लेकिन अब वायुसेना ने देश में ही बने हल्के लड़ाकू विमान तेजस को अपने बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई है

By: Bhagwan

Published: 16 May 2020, 06:22 PM IST

नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 मई को देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात कहते हुए स्थानीय वस्तुओं का उपयोग बढ़ाने की बात कही थी। अब इसकी शुरुआत हो चुकी है। भारत ने 2018 में 114 लड़ाकू विमान खरीदने को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से टेंडर मांगे थे लेकिन अब वायुसेना ने देश में ही बने हल्के लड़ाकू विमान तेजस को अपने बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने एक साक्षात्कार में कहा कि वायुसेना 83 हल्के लड़ाकू विमान तेजस खरीदेगी। यह खरीदारी उन 40 विमानों के अलावा है, जिसमें करीब छह अरब डॉलर का खर्च आएगा। विमान खरीदने के लिए ग्लोबल टेंडर कब जारी किए जाएंगे? इस पर रावत ने कहा कि विदेशी कंपनियों के बजाय घरेलू कंपनियों को इसका ऑर्डर दिया जाएगा। रावत ने बताया कि ये जेट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से खरीदे जाएंगे।


रक्षा निर्यातक देश बनने में मदद मिलेगी


रावत ने कहा कि वायुसेना में हल्के लड़ाकू विमान को शामिल करने से और इसकी अपेक्षाकृत कम कीमतों के कारण भारत को एक अहम रक्षा निर्यातक बनने में मदद मिलेगी। जब दुनिया भारत को इन विमानों का इस्तेमाल करते देखेगी, तो बेशक ही कुछ देश इसे खरीदने में रुचि लेंगे।


विदेशी कंपनियों के लिए बड़ा झटका


देश में बने युद्धक विमान इस्तेमाल करने का भारतीय वायुसेना का फैसला बोइंग, लॉकहीड मार्टिन कॉर्प और साब एबी जैसी कई बड़ी विदेशी कंपनियों के लिए एक झटके की तरह है, जो करीब 15 अरब डॉलर की डील के लिए रेस में शामिल थीं।

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