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ऊंटनी के दूध ने इस शख्स के शरीर में डाली ऐसी जान, देखकर डॉक्टर्स भी रह गए हैरान, इलाज में कर चुका था लाखों रुपये खर्च

World Milk Day 2019 : इस बीमारी को ठीक करने के लिए वह कई डॉक्टर्स को दिखा चुका था और इलाज में लाखों रुपये खर्च कर चुका था...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Jun 01, 2019

camel milk

जयपुर।

विश्व दूध दिवस ( World Milk Day ) के अवसर पर पाली में कैमल करिश्मा व लोकहित पशुपालक संस्थान के सानिध्य में ऊंटनी दुग्ध और दुग्ध उत्पाद का निशुल्क वितरण किया। कई लजीज फ्लेवर में तैयार दुग्ध का जायका लेने के लिए लोगों का जनसमूह उमड़ गया। संस्थान ने ब्रोसर के जरिये आमजन ग्रामीणों को लजीज दुग्ध की महत्ता और औषधीय उपयोग पर जानकारी भी दी। क्या आपको पता है ऊंटनी का दूध ( camel milk ) औषधीय गुणों से युक्त और पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। ऊंटनी के दूध से मानवीय रोगों में प्रतिरोधकता हासिल हो सकती है।

इस शख्स का रिजल्ट देखकर डॉक्टर भी रह गए हैरान
राजस्थान निवासी एक शख्स ने डॉक्टर्स की ये बात क्या मान ली कि उस पर इसका ऐसा गजब का असर पड़ा कि, रिजल्ट देखकर डॉक्टर खुद भी हैरान रह गए। हैरानी हो भी क्यों नहीं, जो इंसान पिछले तीन सालों से रात-दिन डॉक्टरों की दवाइयां खाकर अपनी गंभीर बीमारी ठीक नहीं कर पाया, वह ऊंटनी के दूध के सेवन से महीने भर में सही हो गया।

राजस्थान के टोंक जिले के गांव में रहने वाला हनुमान बलि नाम का यह शख्स कई सालों से डायबिटीज (शुगर) रोग से पीडि़त था। अपनी इस बीमारी को ठीक करने के लिए वह कई डॉक्टर्स को दिखा चुका था और इलाज में लाखों रुपये खर्च कर चुका था। अपने एक दोस्त की सलाह पर हनुमान बलि ने ऊंटनी का दूध पीना शुरू किया। अभी उसे ऊंटनी का दूध पीते हुए एक महीने ही हुआ था कि उनका डायबिटीज (शुगर) कंट्रोल हो गया और एक महीने बाद ही उसकी डायबीटिज पूरी तरह से ठीक हो गई।

हनुमान बलि का डायबीटिज और मोटापा पूरी तरह से कंट्रोल में है और वो पहले की तरह हर चीज खा-पी रहा है साथ ही मेहनत भी कर रहे है। जबकि दवाई लेने के दौरान उसे कई चीजों से परहेज करना पड़ता था। इसके अलावा वह ज्यादा भाग-दौड़ भी नहीं कर पा रहा था। आज वो पूरी तरह से तंदुरुस्त है और पहले से अधिक मेहनत करता है। ये रिजल्ट देख डॉक्टर भी हैरान रह गए हैं कि ऊंटनी का दूध इतना कारगर कैसे हो सकता है।

सेहत के लिए सुपर फूड है ऊंटनी का दूध, जिसके सेवन से कुछ माह में ही जबरदस्त फायदे मिलते हैं। ऊटंनी के दूध में कायाकल्प करने के गुण होते हैं। इसमें दुग्ध शर्करा, प्रोटीन, कैल्शियम, काबोर्हाइड्रेट,सुगर,फाइबर, लैक्टिक अम्ल, आयरन, मैग्निशियम, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन बी 2, विटामिन सी, सोडियम, फास्फोरस ,पोटैशियम, जिंक, कॉपर, मैग्नीज जैसे बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर को निरोगी और सुंदर बनाते हैं साथ ही डायबीटिज के लिए यह दूध रामबाण का काम करता है। दिमागी रूप से कमजोर बच्चों के लिए यह दूध बेहद फायदेमंद हैं।

ऊंटनी के दूध के और भी चमत्कारी फायदे ( Benefits of Camel Milk )
ऊंटनी का दूध पचाने में हल्का होने के साथ ही ऑटिज्म समेत अन्य कई बीमारियों के इलाज में कारगर है। बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र की एक स्टडी में इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि ऊंटनी का नमकीन दूध मंद बुद्धि बच्चों के लिए अमृत के समान होता है। ऊंटनी के दूध में कई सारे विटामिन्स और एंटीबॉड़ीज होते हैं। एक लीटर ऊंटनी के दूध में 52 यूनिट इंसुलिन की मात्रा होती है। इस कारण इसक नियमित सेवन से मधुमेह रोग के लिए भी फायदेमंद होता है। इस दूध के नियमित सेवन से ब्लड सुगर, इंफेक्शन, आंत में जलन, गैस्ट्रिक कैंसर, हैपेटाइटिस सी, अल्सर, हृदय रोग, गैंगरीन, किडनी संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके अलावा खून साफ करने, हडिडयों को मजबूत करने, कैंसर के इलाज में उपयोगी होने के साथ ही त्वचा को निखारने में भी यह दूध फायदेमंद साबित होता है।

मानसिक बीमारियां होती है दूर ( camel milk organic facts )
डॉक्टरों का कहना है कि ऊंटनी के दूध पीने के कई फायदे हैं। ऊंटनी का दूध शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है जिससे मौसमी बीमारियों से लडऩे में शरीर को ताकत मिलती है साथ ही मानसिक बीमारियां ठीक होती हैं।

एक शोध से पता चला है कि ऊंटनी का दूध का दिमागी रूप से कमजोर बच्चों के लिए अमृत के समान है। बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में हुए शोध इस बात का सही पाया गया है कि ऊंटनी का दूध दिमागी रूप से कमजोर बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद है। शोध से पता चला है कि ऊंटनी के दूध का कुछ माह तक सेवन करने से ऑर्टिम जैसी बिमारियां और मानसिक विकार दूर हो जाते हैं। इसलिए राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने ऊंटनी के दूध से बने कई तरह के उत्पाद भी बाजार में उतार दिए हैं ताकि लोगों ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।

पंजाब के फरीदकोट में स्पेशल चिल्ड्रन के एक केंद्र में तीन महीने तक लगातार लगभग 10 मंद बुद्धि बच्चों को रोजाना सुबह-शाम 300 एमएल ऊंटनी का दूध पिलाया गया। इन बच्चों में बीमारी ठीक होने में दूसरे मंदबुद्धि बच्चों की तुलना में ज्यादा ग्रोथ पाई गई।

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