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‘बकरा काटना संस्कृति के खिलाफ’, कुर्बानी के लिए एक्सपोर्ट करने पर बोले पशुपालन मंत्री- ‘जांच करवाएंगे’

देवस्थान और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि केंद्र बकरों का एक्सपोर्ट कर रहा है तो नियमों के तहत ही करे।

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Photo- Joraram Kuamwat Facebook Account

देशभर में शनिवार को ईद उल अजहा (बकरीद) मनाई जा रही है। इस दौरान जयपुर से पहली बार 9350 बकरे एयर कार्गो के जरिए विदेश भेजे गए हैं। शेखावाटी, सिरोही और बीकानेर नस्ल के इन बकरों को खाड़ी देशों में कुर्बानी के लिए एक्सपोर्ट किया गया। जिस पर देवस्थान और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि केंद्र बकरों का एक्सपोर्ट कर रहा है तो नियमों के तहत ही करे। ये काम भारत सरकार की नीति के तहत आता है। हमने केंद्र की गाइडलाइन मंगवाई है।

उन्होंने कहा कि अगर बकरों के एक्सपोर्ट के लिए पशुपालन विभाग की अनुमति जरूरी थी और बिना इजाजत बकरों को भेजा गया तो जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।

इसे लेकर देवस्थान और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि ईद उल अजहा किसी धर्म के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन हमारी संस्कृति में जीव की बलि को इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि बकरा एक जीव है, उसे काटना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। ये सभी जीव किसी न किसी पशुपालक की रोजी-रोटी का जरिया होते हैं। राजस्थान जैसे राज्य की जीडीपी में योगदान देते हैं।

प्रदेश की सबसे बड़ी बकरा मंडी ईदगाह में पूर्व दिन शुक्रवार को समाजजनों ने बकरों और भेड़ों की खरीद-फरोख्त की। तीन दिनों तक कुर्बानी का दौर जारी रहेगा। तीन हिस्सों में से एक हिस्सा गरीबों में तकसीम किया जाएगा। इसके साथ ही तीन दिनों तक दावतों का दौर भी चलेगा। इस दौरान समाजजन एक दूसरे के गले लगकर पर्व की बधाई देंगे। कुछ जगहों पर सामूहिक कुर्बानी भी की जाएगी।

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