
पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित गायिका अनुराधा पौड़वाल (Singer Anuradha Paudwal) ने मंगलवार को गुलाबी नगर में अपनी चिर-परिचित आवाज में भजन गाए तो लोग झूम उठे। उन्होंने नवकार मंत्र, आओ करें भक्ति भोलेनाथ की.., अच्युतम केशवम राम नारायणम.. सहित जब अपनी सुमधुर वाणी से भजनों को सुनाना शुरू किया तो श्रोतागण भक्ति रस में झूम उठे।

मानसरोवर स्थित एक निजी विवि के संस्थापक स्व. डॉ. सागरमल जूनीवाल की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित भजन संध्या में गायिका अनुराधा पौड़वाल ने अपनी स्वर लहरी से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने हे राम तुम्हारे चरणों में नमन है बारंबार... को सुनाकर श्रद्वांजलि देते हुए भक्ति संगीत की सरिता बहाई।

साथ ही जब अनुराधा पौडवाल ने अपनी चिर.परिचित मधुर आवाज में देना हो तो दीजिए जन्म.जन्म का साथ... गाया तो पूरा कैंपस तालियों से गूंज उठा।

अनुराधा पौडवाल ने अपनी सुमधुर भजन गायकी की सौंधी खुशबू बिखेरकर उपस्थित हजारों दर्शकों के अंतस को महकाया। भजन संध्या में कन्हैया तू तो है बड़ा चित चोर, राधे राधे जपो चले आएंगे बिहारी..की प्रस्तुति दी

हे दुख भंजन मारुति नंदन सुन लो मेरी पुकार..., सरीखे भजनों की पेशकश पर पूरे समय के लिए श्रोता टस से मस नहीं हुए।

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अंब... ,माता तेरे चरणों की....ऐसे भजन रहे जिन्हें सुनकर अपेक्स कैम्पस का सारा प्रांगण तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता रहा।

श्रोता ऐसे तल्लीन होकर जुड़े कि उनके खिलौना माटी का.., राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना..,अजब है तेरी माया...,तेरा नाम सबके लब पे सुबह शाम हो...,हे राम तुम्हारे चरणों में नमन है बारंबार..., ऐसे भजन रहे जिन्हें सुनकर अपेक्स कैम्पस का सारा प्रांगण तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता रहा।