
100 बिल्डरों की ये कैसी मनमानी, 187 प्रोजेक्ट की हकीकत छिपाई
जयपुर। रियल एस्टेट रेग्यूलेटर अथॉरिटी (रेरा) के तमाम प्रयासों के बाद भी 100 बिल्डर-डवलपर्स आशियाना बुक कराने वालों से प्रोजेक्ट की स्थिति छिपा रहे हैं। ऐसे बिल्डर्स के 187 प्रोजेक्ट हैं। इन्होंने न तो निर्माण की स्थिति सार्वजनिक की और न ही बुकिंगकर्ताओं को इसके बारे में बताया। जबकि, प्रोजेक्ट निर्माण से लेकर बुकिंग तक की तिमाही प्रोजेक्ट रिपोर्ट (क्यूपीआर) रेरा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। अथॉरिटी ने कई बार इन्हें चेताया लेकिन बात नहीं बनी। अब ऐसे सभी बिल्डर-डवलपर्स का मामला रेरा कोर्ट में भेजा गया है। यहां कुछ बिल्डरों पर भारी पेनल्टी भी लगाई गई है। कई बिल्डरों पर तो प्रोजेक्ट टेकओवर करने तक की तलवार लटक गई है।
यह एक्शन
-शुरुआती में प्रति क्यूपीआर 5 हजार रुपए की पेनल्टी
-प्रोजेक्ट लागत की 5 प्रतिशत तक पेनल्टी
-रेरा कोर्ट में मामला पहुंचने और आदेश की पालना नहीं करने पर प्रोजेक्ट टेकओवर की स्थिति।बुकिंगकर्ता को ब्याज समेत जमा राशि लौटाया भी जा सकता है।
यह है मकसद
अथॉरिटी ने क्यूपीआर लेना शुरू किया। इसका मकसद है कि बुकिंग कराने वाले लोगों को जानकारी मिल जाए कि उनका आशियान, ऑफिस या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी समय पर मिल सकेगी या नहीं। हर फ्लोर पर कितना काम हुआ और कब तक पूरा होगा, यह भी पता लगता रहे। इसी आधार पर बुकिंगकर्ता प्लानिंग करे कि उसे आगे क्या करना है।
मौजूदा स्थिति
-2027 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हैं रेरा में
-651 बिल्डर-डवलपर ने एक्सटेंशन लिया अब तक
-103 प्रोजेक्ट से 2 करोड़ रुपए पेनल्टी वसूली गई अभी तक
इनकी बैंच कर रही सुनवाई
-निहालचंद गोयल, चेयरमेन, रेरा
-शैलेन्द्र अग्रवाल, सदस्य, रेरा
-सलविन्दर सिंह सोहाता, सदस्य, रेरा
-बिल्डर-डवलपर्स को कई बार चेताया गया कि वे प्रोजेक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा कराएं। इससे बुकिंगकर्ताओं को भी घर बैठे प्रोजेक्ट निर्माण की वास्तविक जानकारी मिल सके। कई मामले रेरा अथॉरिटी कोर्ट को भेजे गए हैं। बैंच फैसला करेगी की उनके खिलाफ क्या एक्शन लेना है
-आर.सी. शर्मा, रजिस्ट्रार, रियल एस्टेट रेग्यूलेटर अथॉरिटी
Published on:
29 Aug 2022 07:13 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
