बताया गया है कि वर्ष 2021 में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में मनोहर लाल पर कार्रवाई हुई थी। उस समय वह सरकारी व्याख्याता के पद पर कार्यरत थे, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वह दोबारा तैयारी कर रहे थे, लेकिन एसओजी की जांच और अधिकारियों का दबाव लगातार बना हुआ था। उन्होंने यह भी लिखा कि जिन आरोपों में उनका नाम घसीटा जा रहा है, उनमें वह कहीं भी शामिल नहीं हैं।