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विधायक खंडेला ने संभाला किसान आयोग के अध्यक्ष का पदभार: CM ने कहा, किसानों के उत्थान के लिए काम करेगा आयोग

हाल ही में किसान आयोग के अध्यक्ष बनाए गए वरिष्ठ विधायक महादेव सिंह खंडेला और आयोग के उपाध्यक्ष बनाए गए विधायक दीपचंद खेरिया ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में पंत कृषि भवन में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया।

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विधायक खंडेला ने संभाला किसान आयोग के अध्यक्ष का पदभार: CM ने कहा, किसानों के उत्थान के लिए काम करेगा आयोग

विधायक खंडेला ने संभाला किसान आयोग के अध्यक्ष का पदभार: CM ने कहा, किसानों के उत्थान के लिए काम करेगा आयोग

जयपुर। हाल ही में किसान आयोग के अध्यक्ष बनाए गए वरिष्ठ विधायक महादेव सिंह खंडेला और आयोग के उपाध्यक्ष बनाए गए विधायक दीपचंद खेरिया ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में पंत कृषि भवन में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान कृषि मंत्री लालचंद कटारिया भी मौजूद रहे।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वरिष्ठ विधायक और आयोग के चेयरमैन महादेव सिंह खंडेला के अनुभव का लाभ सरकार को मिलेगा क्योंकि वह कई बार विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि आयोग किसानों के उत्थान के लिए बेहतर काम करेगा और सरकार को भी सुझाव देगा कि किसानों के हित के लिए और कौन कौन से कदम उठाए जा जा सकते हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अन्नदाता और बगैर खेती के कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता है, किसानों की आमदनी कैसे बढ़े और किसानों को कैसे मजबूत किया जाए इसके लिए सरकार नए नवाचार अपनाने जा रही है।

पहली बार आएगा किसानों के लिए अलग से बजट
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान ऐसा पहला राज्य है जहां पर पहली बार किसानों के लिए अलग से बजट लाया जाएगा और उसी में हम लोग तैयारी करने में लगे हुए हैं। 23 फरवरी को सबको यह प्रयास अच्छा लगेगा कि एक नई शुरुआत हुई है। उन्होंने आयोग से भी अपील किया कि आयोग के भी कोई सुझाव हो तो बजट में किसानों के लिए दिए जाएं।

राजस्थान में पहले खेती की संभावनाएं कम थी
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पहले राजस्थान खासकर का रेगिस्तान में अकाल और सूखे पढ़ते थे। पश्चिमी राजस्थान में तो हालत और खराब थी । ना उस वक्त सड़कें थी ना कोई और सुविधाएं, पर अब धीरे-धीरे मानसून का मिजाज बदल गया है और नई-नई उन्नत तकनीक के आ चुकी हैं जिससे कैसे ना कैसे करके सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध हो जाता है।

यूपीए के राज में ऐतिहासिक काम हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए के शासनकाल में देश में ऐतिहासिक काम हुए। पहले लोग गांवों से पलायन कर जाते थे लेकिन मनरेगा के आने के बाद लोगों का गांव से पलायन रुक गया। सूचना का अधिकार जैसा ऐतिहासिक कानून यूपी सरकार ने दिया है। खाद्य सामग्री का अधिकार दिया, ₹2 किलो गेहूं ₹3 किलो चावल जैसे अधिकार दिए गए। राइट टू एजुकेशन का अधिकार यूपीए सरकार ने दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी को आश्वस्त किया कि 23 फरवरी को राजस्थान का ऐतिहासिक बजट पेश किया जाएगा।

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