मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर फिर निशाना साधा है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर फिर निशाना साधा है। मुझे संदेह है कि मंत्री के इशारे पर ही मध्य प्रदेश सुप्रीम कोर्ट गया है।
गहलोत ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि अगर प्रधानमंत्री देश में एक और राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर दें तो इससे क्या फर्क पड़ने वाला है, देश में 16 राष्ट्रीय परियोजनाएं चल रही हैं। अगर राजस्थान के हित को देखते हुए ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर दिया जाता है तो इससे राजस्थान का भला होगा। राजस्थान सदियों से अकाल और सूखे से जूझता आया है लेकिन पता नहीं केंद्र सरकार को क्या तकलीफ है। बयानबाजी और बहानेबाजी करके प्रदेश की जनता को गुमराह किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत दो राज्यों को बिना मतलब आपस में लड़वाने का काम कर रहे हैं। गहलोत ने कहा मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने साथ बैठकर एग्रीमेंट किया था और एग्रीमेंट के आधार पर ही हम आगे चल रहे हैं। मध्य प्रदेश ने अपने यहां डेम बना दिए। डेम बनाने के बाद जब उन्हें वर्ल्ड बैंक की जरूरत पड़ी तो उन्होंने तत्कालीन वसुंधरा सरकार से एनओसी देने की प्रार्थना की थी जिसके बाद राजस्थान सरकार ने उन्हें एनओसी दे दी। अब जब डेम बनाने की बारी हमारी आई है तो मध्य प्रदेश अड़चन डाल रहा है, इस तरह की धोखेबाजी अच्छी नहीं है।