
राजस्थान में गर्मी के साथ-साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। गर्मी के हर सीजन में मच्छर जनित बीमारियों में वृद्धि की चेतावनियां जारी होती है। ऐसे में मच्छरों को दूर रखने के लिए स्प्रे, अगरबत्तियां, क्रीम और कॉइल का सहारा लिया जाता है। हालांकि, मच्छरों को भगाने का एक दूसरा तरीका आपके द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों के रंग पर भी निर्भर करता है।
वाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि मच्छर लाल, नारंगी, काले और आसमानी रंग की ओर आकर्षित होते हैं। वहीं, हरे, बैंगनी, नीले और सफेद रंग को मच्छर नजरअंदाज करते हैं। शोध से पता चलता है कि गर्मी के सीजन में मच्छरों को गच्चा देने के लिए इन रंगों के कपड़े पहनना क्यों अच्छा है।
गौरतलब है कि गर्मियां मच्छरों के प्रजनन का मौसम होता है। मादा मच्छरों को बच्चे पैदा करने के लिए अधिक रक्त की जरूरत होती हैं। गर्मियों में पसीने की गंध और कम कपड़े पहनना भी मच्छरों का काम आसान कर देता हैं। मादा मच्छर त्वचा से खून चूसने के साथ एक व्यक्ति के रक्त से दूसरे के रक्त में मलेरिया जैसे रोग फैला सकती है।
मच्छर जलवायु परिवर्तन से लाभान्वित होने वाली एकमात्र प्रजाति कहीं जा सकती है। ग्लोबल वार्मिंग से जुड़ा गर्म व उमस वाला मौसम उनके लिए आदर्श है। ऐसे में मच्छर अधिक दूरी या ऊंचाई तय कर रहे हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार आपकी सांस, पसीना और त्वचा का तापमान मच्छरों को आकर्षित करता है। नई स्टडी में चौथा संकेत मिला लाल रंग, जो न केवल कपड़ों पर पाया जा सकता है, बल्कि हर किसी की त्वचा में भी इसके अंश होते हैं। प्रयोग में जब कमरे में कार्बन डाइऑक्साइड की फुहार छोड़ी गई तो मच्छर उन बिंदुओं की ओर उड़ गए जो लाल, नारंगी, काले या आसमानी थे लेकिन हरे, नीले और बैंगनी रंग से बचते रहे। मनुष्य कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं, जिसे मच्छर सूंघ सकते हैं, इस गैस ने मच्छरों की आंखों को कुछ खास तरंग दैर्ध्य पसंद करने का संकेत दिया।
इंसानी त्वचा चाहे किसी भी रंग की हो, मच्छरों की आंखों के लिए एक लाल-नारंगी 'संकेत' उत्सर्जित करती है। वे काटने के लिए दौड़ पड़ते हैं। इसे हरे, बैंगनी, नीले या सफेद रंग से ढक दीजिए और आप मच्छरों को 'उल्लू' बना देंगे। प्रोफेसर जेफरी रिफेल, जीव विज्ञान, वाशिंगटन यूनिवर्सिटी, अमरीका
Published on:
24 May 2024 09:00 am
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