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कांग्रेस के ब्लॉक और जिलाध्यक्ष बनाने में लग सकता लंबा समय

कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव और सदस्यता अभियान को लेकर प्रदेश कांग्रेस के चुनाव अधिकारी संजय निरूपम ने रणनीति तैयार की। इस मौके पर तमाम कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। 31 मार्च 2022 तक पार्टी का सदस्यता अभियान चलेगा। उसके बाद एआईसीसी, पीसीसी और डीसीसी सदस्यों को लेकर संगठन चुनाव होंगे।

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कांग्रेस के ब्लॉक और जिलाध्यक्ष बनाने में लग सकता लंबा समय

pcc jaipur

जयपुर.

प्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों को लेकर एआइसीसी की ओर से नियुक्त चुनाव अधिकारी संजय निरुपम ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक ली और पार्टी के चल रहे डिजिटल सदस्यता अभियान को लेकर फीडबैक लिया। निरुपम ने कहा है कि 31 मार्च को सदस्यता अभियान समाप्त होने के बाद संगठन चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें पार्टी के बनने वाले सदस्य ही मतदान में हिस्सा लेंगे। यही सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, पीसीसी और एआइसीसी सदस्य का चुनाव करेंगे।

सितंबर में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।इससे पहले माकन ने सदस्यता अभियान और संगठन चुनावों को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की मौजूदगी में प्रदेश पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा की। इस दौरान पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, कई मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक भी मौजूद थे। शाम को निरूपम ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके निवास पर मुलाकात की। बैठक में तय किया गया कि प्रदेश में 50 से 52 लाख सदस्य बनाए जाएंगे।

...और लंबा करना पड़ सकता इंतजार

पार्टी के सदस्यता अभियान के बाद ही संगठन चुनाव का ऐलान करने से प्रदेश में 400 ब्लॉकों में अध्यक्ष और शेष नियुक्ति से बचे 29 जिलाध्यक्ष की नियुक्ति का इंतजार कर रहे नेताओं को मायूसी हाथ लगी है। क्योंकि लंबे समय से इन नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा है। निरुपम के बयान से लग रहा है कि पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा जिला व ब्लॉक अध्यक्ष भी चुनाव के जरिए बनेंगे। हालांकि पिछले दिनों 13 जिलों में अध्यक्ष नियुक्त किए जा चुके हैं।

मैं चुनाव अधिकारी, कह नहीं सकता कौन होगा अध्यक्ष

संजय निरुपम पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को बनाए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन राहुल के अध्यक्ष के सवाल पर कहा कि मेरी भावना भले ही राहुल गांधी के साथ जुड़ी रही हो, लेकिन अब मैं राजस्थान के चुनाव में पीआरओ की भूमिका में हूं। ऐसे में कौन अध्यक्ष बनेगा और कौन किस पद पर चुना जाएगा। इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।---

सदस्यता अभियान में भी निर्दलीय विधायक और कांग्रेस उम्मीदवार आमने-सामने...

प्रदेश में कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीयों और मूल कांग्रेस पदाधिकारियों की क्षेत्र में चलत को लेकर हर बार विवाद की स्थिति बनती है। पहले चाहे निकाय और पंचायत चुनाव में टिकट वितरण का मामला रहा हो। मंगलवार को भी जब संजय निरुपम बैठक ले रहे थे तो बस्सी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार रहे दौलत मीणा ने शिकायत की कि उनके यहां डिजिटल सदस्यता करवाने के लिए एनरोलर्स निर्दलीय विधायक के कहने पर बनाए गए हैं। ऐसे में मूल कांग्रेसी कैसे सदस्य बनेंगे। इस पर निरूपम ने कांग्रेस के प्रत्याशियों को भी डिजिटल सदस्यता अभियान के एप का एक्सेस देने के लिए कहा। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने बताया कि इस तरह की परेशानी और भी कई स्थानों पर आ रही है।