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उपचुनाव में नुक्कड़ सभाओं पर कांग्रेस का फोकस , हर दिन 50 सभाओं का टारगेट

-स्थानीय नेताओं और अग्रिम संगठनों को मिलेगी नुक्कड़ सभाओं की जिम्मेदारी, महिला कांग्रेस व एनएसयूआई को डोर टू डोर जनसंपर्क का टारगेट, मंत्री विधायक भी नजर आएंगे नुक्कड़ सभाओं में, निर्वाचन आयोग ने जुलूस जनसभाओं पर लगाया प्रतिबंध

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pcc jaipur

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फिरोज सैफी/जयपुर।

प्रदेश के धरियावद और वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव में जनसभाओं और जुलूस पर निर्वाचन आयोग की रोक के बाद कांग्रेस ने सभी मतदाताओं तक पहुंच बनाने के के लिए नुक्कड़ सभाओं पर फोकस किया है। दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में डोर टू डोर कैंपेन के साथ कांग्रेस पूरी शिद्दत के साथ नुक्कड़ सभाओं के जरिए लोगों तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है।

हर दिन 50 नुक्कड़ सभाओं का टारगेट
पार्टी के थिंक टैंक से जुड़े नेताओं की मानें तो दोनों ही विधानसभा क्षेत्र वल्लभनगर और धरियावद में कांग्रेस का हर दिन 50 नुक्कड़ सभाओं का टारगेट है। दोनों विधानसभा क्षेत्र में 50-50 नुक्कड़ सभाएं प्रतिदिन करने का प्रपोजल बनाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी अजय माकन को भेजा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिल जाएगी, उसके बाद कांग्रेस पार्टी दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में नुक्कड़ सभाएं शुरू कर देगी।

नुक्कड़ सभाओं पर फोकस की एक वजह यह भी
दरअसल प्रदेश कांग्रेस की ओर से दोनों विधानसभा क्षेत्र में नुक्कड़ सभाओं पर फोकस करने की एक वजह यह भी है कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नुक्कड़ सभाओं में केवल 50 लोगों की संख्या सीमित की गई है। ऐसे में अगर प्रतिदिन 50 नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी तो प्रतिदिन 2500 मतदाताओं तक कांग्रेस पार्टी के सीधी पहुंच होगी। इसके अलावा डोर टू डोर कैंपेन के जरिए भी मतदाताओं तक पहुंचने की तैयारी की जा रही है।

स्थानीय नेता और अग्रिम संगठनों को नुक्कड़ सभाओं की जिम्मेदारी
सूत्रों की माने तो नुक्कड़ सभाओं का जिम्मा पार्टी के स्थानीय नेताओं और अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा । इसके अलावा मंत्री और विधायक भी नुक्कड़ सभाओं में पार्टी प्रत्याशी के लिए वोट मांगते नजर आएंगे। वहीं महिला कांग्रेस और सेवादल को डोर टू डोर कैंपेन का जिम्मा दिया जाएगा। जो दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में अधिकांश घरों तक पहुंचकर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगते नजर आएंगे।

गौरतलब है कि धरियावद और वल्लभनगर उपचुनाव के लिए नामांकन शुरू हो चुके हैं, नामांकन की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर है। 30 अक्टूबर को दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान होगा। वहीं चुनाव प्रचार इस बार 48 घंटे की बजाए 72 घंटे पहले ही थम जाएगा। नामांकन से पहले या बाद में कोई भी प्रत्याशी जुलूस या जनसभा नहीं कर सकेगा और ना ही रोड शो की अनुमति इस बार चुनाव में दी गई है।

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