
85 हजार की मेडिक्लेम पॉलिसी, साइबर ठगों ने ऐंठ लिए 85 लाख
जयपुर. 85 हजार की मेडिक्लेम पॉलिसी को मैच्योर करने के नाम पर बुजुर्ग से करीब 85 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। शातिर साइबर ठग पिछले सात साल से बुजुर्ग को खाते में पॉलिसी के रुपए डालने का झांसा देते रहे और मैच्योर में लगने वाले टैक्स का भुगतान करने की एवज में अलग-अलग खातों में रुपए डलवाते रहे।
विशेष अपराध एवं साइबर थाना ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विशेष अपराध एवं साइबर थाना के थानाधिकारी संजय आर्य ने बताया कि अत्रे मार्ग श्याम नगर निवासी रामेश्वर दयाल गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीडि़त ने फरवरी-2010 से मई-2011 के बीच मैक्स लाइफ इंश्योरेंस से 85 हजार रुपए की चार मेडिक्लेम पॉलिसी करवाई थी। अगस्त-2011 में पीडि़त बीमार हो गया और इलाज करवाने के बाद बीमा कंपनी में मेडिक्लेम का दावा किया। कंपनी की ओर से पीडि़त को कोई जवाब नहीं मिला। पीडि़त ने फरवरी-12 में शिकायत इरडा को इमेल से की।
बेटों व रिश्तेदारों से उधार लिए पैसे
पुलिस ने बताया कि परिवादी रिटायर्ड सिविल इंजीनियर है। पॉलिसी के लिए उसने खुद के रिटायरमेंट के रुपए के अलावा दोनों बेटे व रिश्तेदारों से रुपए उधार ले ठग को जमा करवा दिए। जब रिश्तेदारों को रुपए नहीं चुकाए तो वे घर आने लगे। ठगी का अहसास होने पर वे थाने पहुंचे व मामला दर्ज करवाया।
यों चला ठगी का खेल
इसके बाद बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बनकर ठग ने पीडि़त को फोन किया और कहा- आपकी पॉलिसी मैच्योर नहीं हुई है। यदि प्री-मैच्योर पॉलिसी चाहिए तो इसके बदले कुछ पेनल्टी जमा करवानी होगी। पीडि़त ने ठग के बताए खाते में एक लाख जमा करवा दिए। फिर अन्य ठग ने फोन किया और कहा कि आपका केस मेरे पास आ गया है और आपके द्वारा जमा करवाए एक लाख रुपए भी मिल गए हैं। पॉलिसी के पूरे 10 लाख आपके खाते में आ जाएंगे, लेकिन इसकी एवज में दो लाख रुपए टैक्स देना होगा। पीडि़त ठगों के झांसों में आता गया और वर्ष 2016-17 तक अलग-अलग 10 खातों में 84 लाख 17 हजार रुपए जमा करवा दिए। जब पीडि़त के खाते में पॉलिसी के रुपए नहीं आए तो उसने रिपोर्ट दर्ज करवाई।
Published on:
29 Dec 2018 11:23 am
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