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बारिश में जर्जर मकान बने खतरा, हो सकता है बड़ा हादसा

परकोट क्षेत्र में करीब तीन दर्जन मकान जर्जर अवस्था में, आस पास के लोग दहशत में

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jaipur

बारिश में जर्जर मकान बने खतरा, हो सकता है बड़ा हादसा


जयपुर. शहर के परकोटा क्षेत्र में बुधवार रात तेज बारिश के कारण जर्जर मकान की दीवार भरभरा कर गिर गई, जिससे आस-पास के लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत यह रही कि उस वक्त घर में कोई नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना माणक चौक थाना क्षेत्र के विद्याधर का रास्ता की है। मौके पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने पहुंचकर स्थिति को देखा। माणकचौक थाना पुलिस ने बताया कि रात 8.10 बजे सूचना पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। मकान खाली था। पुलिस ने आस-पास रहने वाले लोगों को सचेत किया है।
विद्याधर का रास्ता में बुधवार रात जिस जर्जर मकान की दीवार गिरी, वह पहले से ही खाली था। पुलिस ने बताया कि जर्जर मकान के आसपास के मकानों में रहने वालों को सचेत कर दिया गया है। बारिश के दिनों में जर्जर मकान गिरने की यह कोई पहली घटना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक हवामहल पूर्व और पश्चिम में तीन दर्जन से अधिक जर्जर मकान हैं। लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। न तो इनमें रहने वाले इन मकानों की मरम्मत के बारे में सोचते हैं और न ही प्रशासन इसके लिए कोई गंभीर कारवाई करता है।

नगर निगम ने मूंदी आंखें
बारिश के दिनों में जर्जर मकान गिरने की कोई यह कोई पहली घटना नहीं है। नगर निगम नोटिस देकर जिम्मेदारी से आंखें बंद कर लेता है। हवामहल पूर्व और पश्चिम में तीन दर्जन से अधिक जर्जर मकान हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें से कई मकानों में तो लोग रह रहे हैं और वह भी इस खतरे से अनजान हैं। शहर में पहले भी जर्जर इमारतों के ढहने से कई बड़ी घटनाए हो चुकी हैं, लेकिन इन्हें रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शहर के लोग भी इस खतरे से बेफिक्र हो कर इन इमारतों में रह रहे हैं। निगम और प्रशासन दुर्घटना घटने के बाद ही चेतते हैं। हर बारिश में ऐसी घटनाएं होना अब आम बात हो गई है।