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अस्पताल में मौत होने पर डेथ सर्टिफिकेट में लिखकर आएगी ‘मौत की वजह’

अब अस्पतालों में होने वाली मौत के बाद मिलने वाल डेथ सर्टिफिकेट पर मौत का कारण लिखकर आएगा। भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय से जारी दिशा-निर्देशों के बाद यह निर्णय किया गया है।

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जयपुर

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Umesh Sharma

May 10, 2022

अस्पताल में मौत होने पर डेथ सर्टिफिकेट में लिखकर आएगी 'मौत की वजह'

अस्पताल में मौत होने पर डेथ सर्टिफिकेट में लिखकर आएगी 'मौत की वजह'

अब अस्पतालों में होने वाली मौत के बाद मिलने वाल डेथ सर्टिफिकेट पर मौत का कारण लिखकर आएगा। भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय से जारी दिशा-निर्देशों के बाद यह निर्णय किया गया है। जल्द ही निकायों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। प्रदेश के अस्पतालों में नियुक्त चिकित्सा अधिकारी या प्रभारी की ओर से मृत्यु प्रमाण-पत्र पत्र पर मौत के कारण का उल्लेख किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि कोविड की वजह से मौत के बाद भी डेथ सर्टिफिकेट में कोविड से मौत का उल्लेख नहीं होने के कारण कई लोग आज भी मुआवजा के लिए भटक रहे हैं। कोर्ट ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद सभी सरकारों ने इस पर मंथन किया और अब महारजिस्ट्रार कार्यालय ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि केवल अस्पताल में होने वाली मौत पर ही वहां से जारी डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण लिखा जाएगा। मौत की वजह का उल्लेख होने के बाद कोविड-19 के मृतकों के आश्रितों को सरकार से मिलने वाली सहायता के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेगे।

परिजनों की मांग पर ही मिलेगा प्रमाण पत्र

मृतक के परिजन की मांग पर मृत्यु का चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। आमजन की सुविधा के लिए पहचान पोर्टल के माध्यम से मृत्यु प्रमाण-पत्र में मृत्यु के कारण का उल्लेख किया जाएगा। परिपत्र में संस्थागत मौत और गैर संस्थागत मौत के मामलों में मृत्यु प्रमाण-पत्र के साथ एमसीसीडी प्रपत्र और एमसीसीडी कोड जारी करने के नियमों को भी स्पष्ट किया गया है।

हर बीमारी से मौत का दे रखा है कोड

केंद्र सरकार ने सभी बीमारियों से मौत का कोड पहले ही तय कर रखा है। कोविड से मौत का भी कोड जारी हो चुका है। सभी अस्पतालों में यह कोड उपलब्ध है, लेकिन ज्यादातर अस्पतालों से जारी डेथ सर्टिफिकेट में इसका उल्लेख नहीं किया जाता है, जिसकी वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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