Diwali 2022: दिवाली से पहले धनवर्षा होगी। पुष्य नक्षत्र के साथ सिद्ध योग व प्रवर्धमान योग आ रहा है, जो बाजार में धनवर्षा कराएगा। इसे लेकर दुकानदारों के साथ लोगों ने तैयारी कर ली है।
Diwali 2022: जयपुर। दीपोत्सव से पहले कार्तिक शुक्ल अष्टमी पर 18 अक्टूबर को मिनी धनतेरस सा संयोग आ रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र के साथ सिद्ध योग व प्रवर्धमान योग रहेगा। ये संयोग खरीददारी के लिए शुभ रहेंगे। धनतेरस से पहले बाजार में पुष्य नक्षत्र पर धनवर्षा होगी। पुष्य नक्षत्र को लेकर बाजार में व्यापारियों ने तैयारी कर ली है। इसी दिन सुख समृद्धि दायक त्रिग्रही योग भी शुरू होगा, जो गोवर्धन के दिन 26 अक्टूबर को दोपहर 1.46 बजे तक रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है, ऐसे में इसदिन खरीदारी शुभ मानी गई है। इस बार अष्टमी के साथ मंगलवार को पुष्य नक्षत्र आ रहा है, पुष्य नक्षत्र अगले दिन यानी 19 अक्टूबर को सुबह 8.02 बजे तक रहेगा। 18 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र के साथ सिद्ध योग व प्रवर्धमान योग का विशेष संयोग भी रहेगा। इस दिन सिद्ध योग शाम 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, यह योग एक दिन पहले ही शुरू हो जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री ने बताया कि धनतेरस से पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र पर लक्ष्मी पूजन के लिए मूर्तियां, चांदी के सिक्के, आभूषण और बहिखाते खरीदना श्रेष्ठ रहता है। इसदिन की गई खरीददारी सुख समृद्धि दायक होती है। दीपावली से पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र पर खरीददारी का विशेष महत्व रहता है। इसदिन स्वर्णाभूषणों के साथ इलेक्ट्रोनिक आयटम, वाहन और बहिखाते खरीदना शुभ रहेगा।
पुष्य नक्षत्र पर खरीददारी के श्रेष्ठ मुहूर्त
चौघड़िए — समय
चर चौघडिया — सुबह 9.22 से 10.47 बजे तक
लाभ व अमृत चौघडिया — 10.47 से दोपहर 1.37 बजे तक
शुभ चौघडिया — दोपहर 3.02 से शाम 4.27 बजे तक
अभिजित मुहूर्त — सुबह 11.49 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक रहेगा
त्रिग्रही योग भी शुरू
ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि 18 अक्टूबर को रात 9 बजकर 39 मिनट पर तुला राशि में त्रिग्रही योग बनेगा। इस राशि में सूर्य, शुक्र और केतू एकसाथ रहेंगे। सूर्य सुख संपत्ति व्यापार, शुक्र सुख समृद्धि व भौतिक सुख का कारक होगा, केतू व्यापार में उन्नति दायक होगा। यह योग 26 अक्टूबर को दोपहर 1.46 बजे तक रहेगा।