
माइंस और पेट्रोलियम से 12100 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व अर्जित
राज्य में माइंस के साथ ही खनिज तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में भी राजस्व अर्जन का नित नया रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में खनिज तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र से 4889 करोड़ 17 लाख रु. का राजस्व अर्जित किया गया है। यह इससे पहले के वित्तीय वर्ष की तुलना में 893 करोड़ 77 लाख़ रु. अधिक है । उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने माइंस एवं पेट्रोलियम क्षेत्र से समग्र रूप से 12100 करोड़ 86 लाख रुपए से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है।
खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि वर्ष 2022-23 में 4322 करोड़ 14 लाख रुपए का राजस्व खनिज तेल क्षेत्र से प्राप्त हुआ है वहीं 555 करोड़ 14 लाख रु. का राजस्व प्राकृतिक गैस क्षेत्र से प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 11 करोड़ से अधिक का राजस्व पीईएल फीस और डेडरेंट आदि के रुप में प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल मिलाकर इस क्षेत्र से 3995 करोड़ 40 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया गया था। इससे पहले के वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1904 करोड़ 79 लाख रुपए का ही राजस्व प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औसतन एक लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक खनिज तेल का उत्पादन किया जा रहा है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य में 14 जिलों के डेढ़ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रा में चार पेट्रोलियम बेसिन फैले हए हैं। बाड़मेर-सांचोर बेसिन, जैसलमेर बेसिन, बीकानेर-नागौर बेसिन में बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू तथा विंध्यान बेसिन में कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले का कुछ हिस्सा शामिल है।
निदेशक माइंस संदेश नायक ने बताया कि बाड़मेर-सांचोर, जैसलमेर और बीकानेर-नागौर बेसिन में कू्रड ऑयल एवं प्राकृतिक गैस की खोज और विकास के लिए ओएनजीसी, ऑयल इंडिया लिमिटेड, केयर्न-वेदांता लिमिटेड को 15 पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस और 1 डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड्स पीएमएल ब्लॉक आवंटित किया हुआ है।
Published on:
06 Apr 2023 06:46 pm

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