गरीब परिवारों को राहत, अब EWS आरक्षण में केवल 8 लाख से कम आय ही जरूरी, जमीन-जायदाद की बाध्यता हटाई

सीएम अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) का महत्वपूर्ण निर्णय, ईडब्ल्यूएस आरक्षण में केवल वार्षिक आय ही होगी पात्रता का आधार, अचल सम्पत्ति के प्रावधान होंगे खत्म

जया गुप्ता / जयपुर। Rajasthan में आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण में अब केवल परिवार की कुल वार्षिक आय (अधिकतम 8 लाख) ही एकमात्र आधार होगी। अचल सम्पत्ति संबंधी प्रावधानों समाप्त होंगे। सीएम अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) ने शुक्रवार को यह महत्वपूर्ण निर्णय किया। इस निर्णय से ईडब्ल्यूएस आरक्षण के प्रावधानों की जटिलता समाप्त होगी। लोगों को ईडब्ल्यूएस का प्रमाण पत्र आसानी से मिल सकेगा। हालांकि, केंद्र सरकार ( Central Government ) की सेवाओं व शिक्षण संस्थाओं में राज्य के निवासियों के लिए पात्रता मापदण्ड पूर्ववत ही रहेंगे।

गौरतलब है प्रदेश में राजकीय सेवाओं व शिक्षण संस्थाओं में 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू है। पिछले कई दिनों से विभिन्न प्रतिनिधिमंडल व जनप्रतिनिधि प्रमाण पत्र बनाने में आ रही परेशानी व आरक्षण के जटिल प्रावधानों को खत्म करने की मांग सीएम से कर रहे थे।

ये प्रावधान समाप्त करने के निर्देश

पांच एकड़ और इससे अधिक की कृषि भूमि, एक हजार वर्ग फुट और इससे अधिक के आवासीय फ्लैट, अधिसूचित नगरपालिकाओं में सौ वर्ग गज व उससे अधिक के आवासीय भूखण्ड और अधिसूचित नगरपालिकाओं से भिन्न क्षेत्रों में 200 वर्ग गज या उससे अधिक के आवासीय भूखण्ड के मापदण्डों को समाप्त करने के निर्देश सीएम ने दिए हैं।

pushpendra shekhawat
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