
सीएम गहलोत के खिलाफ बयान देकर फंसा विधायक, कांग्रेस आलाकमान ने दिया सख्त नोटिस, कहा ...
सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। लोकसभा चुनाव ( Loksabha Election ) की हार के बाद कांग्रेस में चल रही बयानबाजी को लेकर अब आला कमान ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। एक दिन पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm Ashok Gehlot ) के खिलाफ मीडिया में बयान देने के मामले में प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ( avinash pandey ) ने विधायक पी.आर. मीणा को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। साथ ही पाण्डे ने सभी कांग्रेस नेताओं से कहा है कि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के लिए उत्पन्न विषम परिस्थियों में लक्ष्य से भ्रमित होकर अर्नगल बयानबाजी नहीं करें। इससे पार्टी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
विधायक मीणा ने एक दिन पहले ही उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर बयान दिया था। इससे पार्टी में दिल्ली तक खलबली मच गई। इसके बाद गुरुवार को पाण्डे ने विधायक मीणा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। प्रदेश प्रभारी पाण्डे ने राजस्थान के सभी नेताओं से कहा है कि हम सबके लिए पार्टी हित स्वहित से सर्वोपरि होना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से ऐसे घटनाक्रम संज्ञान में आए हैं, जिनसे पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
पाण्डे के कार्यालय से मीडिया में जारी बयान में कहा गया है कि हम सभी जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी देश का प्रमुख राष्ट्रीय दल है, परन्तु इस समय हम कुछ ही प्रदेशों में सत्ता में हैं, जहां हमारा संकल्प जन सेवाएं, जन कल्याण एवं सुशासन प्रदान करना है। सभी कांग्रेसजनों का दायित्व है कि अनुशासित रहें और ऐसा कोई आचरण एवं वक्तव्य सार्वजनिक तौर पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त नहीं करें, जिससे प्रतीत हो कि कोई व्यक्ति निहित स्वार्थवश पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है या निजी एजेण्डे पर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य को अंजाम देकर हम स्वयं विपक्षी पार्टी भाजपा को कांग्रेस के प्रति नकारात्मक उद्देश्यों की पूर्ति करने का अवसर दे रहे हैं। ऐसा कर कांग्रेस पार्टी को हानि पहुंचाने के उनके एजेण्डे को हमारे द्वारा ही आगे बढ़ाया जा रहा है। पार्टी हित में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि पार्टी की छवि को ठेस न पहुंचे और हमें पार्टी के अनुशासित सिपाही की तरह विषम परिस्थितियों में एकजुटता का परिचय देना चाहिए। पाण्डे ने कहा कि इतिहास गवाह है कि संगठन के अनुशासित 10 लोग भी हजारों लोगों पर भारी पड़ते हैं और अपने संगठन की साख को कायम रखने में कामयाब रहते हैं।
Published on:
06 Jun 2019 06:47 pm
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