
राजस्थान की लोक परम्पराएं एक मंच पर, राजस्थान म्यूजिक म्यूजियम को जयपुर विरासत फाउंडेशन ने किया रीक्रिएट
नए राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में Living Heritage of Rajasthan पर 10 दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी के हिस्से के रूप में जयपुर विरासत फाउंडेशन ने आयोजन स्थल पर आगंतुकों के लिए अपने राजस्थान म्यूजिक म्यूजियम को रीक्रिएट किया है। इसमें कमायचा, रावणहत्था, अलगोजा और मोरचंग जैसे राजस्थान के 15 अद्वितीय लोक वाद्ययंत्रों को प्रदर्शित किया जा रहा है। डिस्पले में ऑडियो-विजुअल के माध्यम से राजस्थान के विभिन्न लोक संगीत समुदायों के साथ उनके इतिहास का वर्णन करने वाले पैनल भी हैं, जहां आगंतुक बायोस्कोप पर वीडियो के माध्यम से लोक संगीत का अनुभव कर सकते हैं।
जयपुर विरासत फाउंडेशन के डायरेक्टर रक्षत हूजा ने प्रदर्शनी के बारे में कहा कि यह राजस्थान की लोक परम्पराओं को दर्शकों के साथ साझा करने का एक शानदार अवसर है। आने वाले समय में इस प्रदर्शनी को देशभर के विभिन्न स्थानों पर ले जाने की योजना है। प्रदर्शनी में 60 से अधिक पैनल्स, फोटो डिस्प्ले, कई मॉडल और लाइव डेमोंस्ट्रेशन का प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसे द्रोणह फाउंडेशन से पूजा अग्रवाल, तान्या चतुर्वेदी और नित्या बाली ने क्यूरेट किया है। एग्जिबिट्स विभिन्न पार्टनर इंस्टीट्यूशन और ऑर्गेनाइजेशन द्वारा बनाए गए हैं। यह स्व.निर्देशित मार्ग के माध्यम से राजस्थान की निर्मित विरासत, कला, शिल्प और रंगमंच को विषयगत रूप से शामिल करता है। यह प्रदर्शनी राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 28 अप्रैल तक आयोजित होगी जिसमें प्रवेश निशुल्क रहेगा।
Published on:
22 Apr 2023 06:27 pm

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