
Fact Check : कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल का नाम झांसी रानी करने का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि कोलकाता यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्टोरिया मेमोरियल का नाम बदलकर 'रानी झांसी स्मारक महल' और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदलकर 'डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी पोर्ट' कर दिया। राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस वायरल मैसेज के पीछे का सच जाना तो जांच में यह दावा भ्रामक निकला। विक्टोरिया मेमोरियल के नाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि कोलकाता पोर्ट के नाम को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बदले जाने की घोषणा की गई है।
यह है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर संजय एस धमेलिया ने दो फोटो को शेयर करते हुए लिखा, "आज प्रधानमंत्रीजी ने कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल का नाम बदलकर "रानी झांसी स्मारक महल" कर दिया.. और 150 वर्ष पुराने कोलकाता पोर्ट का भी नामकरण किया.. "डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी पोर्ट"
जांच
विक्टोरियामेमोरियल-सीएएल.ओआरजी की वेबसाइट पर विक्टोरिया मेमोरियल की वही तस्वीर मिली, जिसे फेसबुक पर वायरल किया जा रहा है। विक्टोरिया मेमोरियल हॉल की वेबसाइट पर इसके नाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता दौरे के बाद भी इसका नाम विक्टोरिया मेमोरियल हॉल ही है। वहीं सर्च में 12 जनवरी 2020 को बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का एक ट्वीट मिला, जिसमें उन्होंने कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल का नाम बदलकर 'रानी झांसी स्मारक महल' किए जाने की मांग की थी। उन्होंने इसी ट्वीट में कोलकाता के पोर्ट ट्रस्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किए जाने के फैसले पर खुशी जाहिर की थी। यानी वायरल पोस्ट का यह दावा गलत है कि कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल का नाम बदलकर 'रानी झांसी स्मारक महल" कर दिया गया है। वहीं दूसरा दावा कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदला गया है। सोशल मीडिया पोस्ट पर पोर्ट की एक तस्वीर को कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का बताते हुए दावा किया गया है कि इसका नाम बदलकर 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट' कर दिया गया है। रिवर्स इमेज में हमें यह तस्वीर अडानी ग्रुप के फेसबुक पेज पर मिली। तस्वीर के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक यह तस्वीर गुजराक के मुंद्रा पोर्ट की है, जिसे अडानी पोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट पोर्ट के 150वें जयंती समारोह में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को कोलकाता में थे। वहीं 12 जनवरी को जयंती समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। इसी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किए जाने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 'पश्चिम बंगाल की, देश की इसी भावना को नमन करते हुए मैं कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम, भारत के औद्योगिकरण के प्रणेता, बंगाल के विकास का सपना लेकर जीने वाले और एक देश-एक विधान के लिए बलिदान देने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा करता हूं।'
पीएमओ ने इसी को लेकर एक ट्विट भी किया था। यानी कोलकाता ट्रस्ट पोर्ट के नाम को बदले जाने का दावा सही है, लेकिन जिस तस्वीर को कोलकाता ट्रस्ट पोर्ट का बताकर वायरल किया जा रहा है, वह वास्तव में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की है। कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस पोर्ट की तस्वीरों को देखा जा सकता है।
सच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस वायरल मैसेज के पीछे का सच जाना तो सोशल मीडया पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के नाम के बदले जाने के दावे के साथ वायरल हो रहा पोस्ट भ्रामक है। वास्तव में विक्टोरिया मेमोरियल के नाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के नाम को बदलकर उसका नामाकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कर दिया गया है। वायरल पोस्ट में जिस तस्वीर के कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का होने का दावा किया जा रहा है, वह वास्तव में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की है।
Published on:
30 Jan 2020 07:03 pm

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