राजस्थान विवि में सहायक प्रोफेसर सीबी यादव के नेतृत्व में बुधवार को किसान आंदोलन के समर्थन में बाजरे की रोटी एवं सूखा आटा अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत आंदोलनरत किसानों के लिए प्रत्येक घर से पांच बाजरे रोटी अथवा सूखा आटा एकत्रित किया जाएगा। यह निर्णय बुधवार को किसान जन जागृति जनसभा में लिया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रोफ़ेसर यादव ने कहा कि इन कृषि कानूनों की मांग देश में किसी भी किसान संगठन ने नहीं की थी तथा कोरोना काल फायदा उठाकर सरकार ने चोर दरवाजे से गैर लोकतांत्रिक तरीके से तीन कृषि कानूनों को किसानों पर जबरदस्ती से थोपा है जिसका मुख्य उद्देश्य खेती किसानी में कॉरपोरेट के शोषण के द्वार खोलना है। विगत 35 दिन से किसान लगातार सर्द हवाओं एवं कोरोना महामारी के बीच दिल्ली की सड़कों पर सरकार से इन तीन कृषि कानूनों को वापस लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून बनाने की मांग कर रहा है लेकिन सरकार जिस प्रकार के असंवेदनशील ता एवं निर्दयता दिखा रही है इससे यह प्रतीत होता है कि अब यह लड़ाई सरकार बनाम किसान नहीं है बल्कि अब यह लड़ाई कॉरपोरेट बनाम किसान है,सलिए गांव गांव में जन जागृति अभियान चलाकर अब इस आंदोलन को जन आंदोलन में तब्दील करने की लंबी योजना पर किसान संगठन काम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि इस बार नववर्ष शाहजंहापुर बॉर्डर पर किसानों के साथ मनाएं।