
जयपुर. जेएलएन मार्ग पर बप्पा के साथ सेल्फी लेती भक्त।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Ganesh Chaturthi 2023: अंगारक योग, स्वाति नक्षत्र, श्रीवत्सयोग और रवियोग सहित अन्य संयोगों में मंगलवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषविदों के मुताबिक 200 साल बाद कुंभ राशि में शनि, मेष राशि में बृहस्पति, तुला राशि में चंद्रमा विराजमान होने के साथ-साथ मंगलवार को पर्व आने से अंगारक योग का निर्माण होगा। उक्त योग भी काफी लंबे समय बाद बनेंगे। ऐसे में खरीदारी के साथ ही भगवान की पूजा अर्चना, गणेश स्थापना करना विशेष सुखसमृद्धि कारक रहेगा।
मोतीडूंगरी, नहर के गणेश, गढ़ गणेश, ध्वजाधीश, श्वेतसिद्धि विनायक मंदिरों के साथ अन्य मंदिरों में भी गणेश जी की पूजा के साथ ही विशेष पोशाक धारण करवाई जाएगी। अलसुबह से दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ मंदिरों में नजर आएगी। विभिन्न समाजों की ओर से पांडाल सजाएं जाएंगे। घर के प्रवेश द्वार पर स्थापित द्वारपाल गणेश जी का अभिषेक कर सिंदूरी चोला धारण कराकर डंके अर्पित किए जाएंगे।
बाजारों में रही चहल-पहल
ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ के मुताबिक गणेश चतुर्थी को अबूझ मुहूर्त माना गया है। वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ज्वैलरी, बर्तन, व्यापार आरंभ के साथ ही अन्य खरीदारी करना चिरस्थायी रहेगा। पर्व की पूर्व संध्या पर सोमवार को शहरवासियों ने शोरूमों पर वाहन बुक किए। साथ ही पूजन सामग्री खरीदी। इससे बाजारों में खासी चहल-पहल रही। हालांकि बारिश होने की वजह से आमजन को थोड़ी परेशानी हुई। ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक अपने घर के उत्तर भाग, पूर्व भाग अथवा पूर्वोत्तर भाग में गणेश जी की प्रतिमा रखें। बांई सूंड वाली प्रतिमा ही खरीदें, इससे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश को मूंग के लड्डू और दुर्वा चढ़ाएं। गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन करने से बचना चाहिए। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य सुभाष गोयल के मुताबिक पर्व पर पूजा का सामान, फूल, मालाओं, चौपहिया-दोपहिया वाहन, चांदी के डंके, ज्वैलरी की सबसे ज्यादा बिक्री होती है।
Published on:
19 Sept 2023 11:41 am

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