हाईकोर्ट (Rajasthan highcourt )शहर में आवारा जानवरों(Stray animals) की समस्या से निपटने के लिए आदेश पर आदेश दिए जा रहा है उधर नगर निगम और सरकार 50 गज तक के मकान(Houses upto 50 yrds) वालों को एक पशु (one animal) रखने की छूट (permission) देने की योजना बना रही है।
जयपुर
जयपुर शहर की समस्याओं पर स्व:प्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक रुप से सरकार की इस मंशा पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा है कि क्या यह अदालती आदेशों को प्रभावहीन करना नहीं होगा ?
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश एन.एस.ढड़्ढ़ा की कोर्ट ने सोमवार को शहर की विभिन्न समस्याओं को दूर करने के लिए स्व:प्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल मेहता से अब तक आवारा पशुओं से निपटने के लिए नियम नहीं बनाए जाने पर सवाल किया। मेहता ने जल्द ही नियम बनाने की आश्वासन दिया है। कोर्ट ने एक बार फिर नगर निगम को आवारा जानवरों को पकडऩे और आवश्यक होने पर पुलिस इमदाद लेने के निर्देश देते हुए निगम और सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अवैध रुप से डेयरी संचालक के खिलाफ कार्रवाई के दौरान विरोध करने पर भाजपा विधायक कालीचरण सर्राफ के खिलाफ पेश अवमानना याचिका की कॉपी निगम और सरकार के वकीलों को दिलवाई है। यह अवमानना याचिका न्याय मित्र एडवोकेट विमल चौधरी ने दायर की है। मामले में अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।