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14 साल के गिले-शिकवे भुलाकर एक हुए पति-पत्नी

एक दिन में 38.67 लाख प्रकरणों का निस्तारण, 14.54 अरब के अवार्ड पारित

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राष्ट्रीय लोक अदालत

राष्ट्रीय लोक अदालत

जयपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की इस साल की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को प्रदेश में रेकॉर्ड 38 लाख 67 हजार से अधिक मुकदमों का निस्तारण किया गया। इस दौरान 14 अरब 54 करोड 22 लाख 63 हजार 15 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। इससे पहले हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव ने कहा था कि लोक अदालत के जरिए लंबी, जटिल और महंगी न्याय प्रक्रिया से अलग विवादों का नि:शुल्क निस्तारण संभव है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्रीवास्तव ने शनिवार सुबह जयपुर में लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस माैके पर उन्होंने कहा कि प्री-लिटिगेशन के मामले हों या अदालतों में लंबित मामले लोक अदालत अब मुकदमों के शीघ्र व शांतिपूर्ण समाधान का पर्याय बन गया है। लोक अदालत में झुंझुनूं की नवलगढ़ तहसील से जुड़ा 29 साल पुराना भूमि विवाद आपसी सहमति से तय हुआ, वहीं सीकर में पारिवारिक न्यायालय के प्रयासों से 14 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी ने फिर से साथ रहने का निर्णय किया। लोक अदालत में इन सहित 38 लाख 67 हजार 694 प्रकरणों का आपसी सहमति से निस्तारण हुआ। इनमें हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 941 व जोधपुर पीठ के 233 प्रकरण भी शामिल हैं। इन सभी प्रकरणों के निस्तारण में पक्षकारों का एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ, वहीं 14 अरब 54 करोड़ 22 लाख 63 हजार 15 रुपए के अवार्ड पारित किए गए।

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