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5 राज्यों में 70 फीसदी से अधिक श्रमिकों ने काम पर गंवाई जान, जानें कौन है इसका गुनहगार

कारखानों में बढ़ती लापरवाही के साथ इन हादसों की जांचने वाले निरीक्षकों की किल्लत......हर तीसरा पद खाली

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नई दिल्ली. फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों में दुर्घटनाओं का सिलसिला वर्ष 2017 के बाद तेजी से बढ़ा है। हालात ऐसे है कि वर्ष 2021 में देश के 5 राज्यों में 70 फीसदी से अधिक श्रमिकों ने कारखानों में काम के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के कारण जान गंवाई थी। जबकि इस दौरान कुल 988 श्रमिकों की मृत्यु हुई, जिसका मतलब है कि वर्ष 2021 में हर दिन फैक्ट्री में घायल होने से 3 श्रमिकों की मृत्यु हुई। इन राज्यों में सबसे अधिक मौतें गुजरात में दर्ज हुई जहां मृत्यु का आंकड़ा 235 रहा। श्रम और रोजगार मंत्रालय के महानिदेशालय फैक्ट्री सलाह सेवा और श्रम संस्थान (डीजीएफएएसएलआई) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2012-2021 के बीच सबसे अधिक मौतें फैक्ट्री में फिसलकर गिरने से हुई थी । इन मामलों को जांचने वाली निरीक्षकों की टीम की भारी कमी है। इंस्पेक्टर से लेकर केमिकल इंस्पेक्टर के पद खाली हैं। जहां वर्ष 2018 में इंस्पेक्टर के 29 पद% खाली थे, वहीं यह आंकड़ा 2021 में बढ़कर 32% पर पहुंच गया।

इन राज्यों में बढ़े मौत के मामले



































राज्य20172021
गुजरात229235
महाराष्ट्र137180
तमिल नाडु71147
छत्तीसगढ़7282
आंध्रप्रदेश6865

(स्रोतःश्रम एवं रोजगार मंत्रालय)

गिरने के अलावा इन कारणों से हुई मृत्यु





























कारणसंख्या
गिरने से2, 126
मशीनों में दब कर1,333
करंट लगने से965
आग लगने से934
धमाका होने से864

(स्रोतःश्रम एवं रोजगार मंत्रालय-वर्ष 2012-2021 के बीच घटी मौत के आंकड़े )

निरीक्षक के पोस्ट पर हर तीसरा पद खाली

























पद20182021
इंस्पेक्टर28.61%32%
मेडिकल इंस्पेक्टर56%56%
केमिकल इंस्पेक्टर30%36%

(स्रोतःश्रम एवं रोजगार मंत्रालय)