राज्य सरकार बड़े जोर-शोर के साथ 9 सितंबर को इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत करने जा रही है, लेकिन जयपुर शहर के दोनों नगर निगम योजना को पलीता लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं। लाख प्रयास के बावजूद योजना के तहत जयपुर शहर में बेरोजगार काम करने को तैयार नहीं है। महज 5216 लोगों ने जयपुर शहर में जॉब कार्ड जारी किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जयपुर जैसे बड़े शहर में ये हाल है तो बड़े निकायों में क्या होगा।
सरकार दावा कर रही है कि योजना में अब तक 2 लाख से अधिक जाॅब कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से पंजीकृत सदस्यों की कुल संख्या 3 लाख 18 हजार से अधिक है। समस्त निकायों में 9 हजार 500 से अधिक कार्य चिन्हित किए गए हैं। मगर जयपुर की हालत बहुत पतली नजर आ रही है। जयपुर हैरिटेज नगर निगम में 3765 लोगों ने जॉब के लिए आवेदन किया है। जबकि ग्रेटर में यह आंकड़ा महज 1451 ही है। हैरिटेज में सर्वाधिक 1355 जॉब कार्ड आदर्श नगर जोन से और सबसे कम 598 सिविल लाइन जोन से जारी हुए हैं। वहीं ग्रेटर में झोटवाड़ा से सर्वाधिक 360 और मानसरोवर से सबसे कम 58 जॉब कार्ड जारी हुए हैं।
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18 से 60 वर्ष रखी है आयु सीमा
जॉब कार्डधारी परिवार के 18 से 60 वर्ष की आयु के सभी सदस्य योजना के पात्र हैं। योजना में पंजीयन जनआधार कार्ड के माध्यम से किया जा रहा है। एक परिवार के सदस्यों को अलग-अलग पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। आवेदन करने के पश्चात 15 दिन में रोज़गार उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है। पारिश्रमिक का भुगतान सीधे जॉब कार्डधारी के खाते में किया जाएगा। चिन्हित कार्यों की अनुमानित राशि करीब 658 करोड़ रुपए है। लगभग 6 हजार कार्यों के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है।