
अफगानिस्तान से भारत आए लोग कोरोना संक्रमित
आनंद मणि त्रिपाठी
जयपुर
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की एक और घटिया हरकत सामने आई है। अफगानिस्तान में पिटठू आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क और तहरीक—ए—तालिबान (पाकिस्तान) के साथ मिलकर अब वह चोरी कर रहा है। अफगानिस्तान के काबुल शहर में जब तालिबान 15 और 16 अगस्त कब्जा करने में लगा था तो आईएसआई इनसे चोरी करा रहा था।
गौरतलब है कि तहरीक—ए—तालिबान (पाकिस्तान)और तहरीक—ए—तालिबान (अफगानिस्तान) अलग अलग आतंकी संगठन हैं। इन्हीं आतंकी संगठनों की मदद से एक ट्रेवेल एजेंसी से आईएसआई ने भारतीय वीजा और पासपोर्ट चोरी कराए। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट और वीजा चोरी की भनक लगते ही अफगानिस्तान से जारी सभी वीजा रदद कर दिए।
दरअसल अफगानिस्तान में चल रही उठापटक के बीच भारत अपने नागरिकों और अफगानी लोगों को निकाल रहा है। इसे भारतीय वायु सेना के सी 17 और एयर इंडिया के विमान लगाए गए हैं। इन्होंने अब तक 800 से ज्यादा लोगों को अफगानिस्तान में निकाला है। ऐसे में इन पासपोर्ट और वीजा के सहारे आईएसआई आतंकियों की घुसपैठ करा सकते थे। यह सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर मामला बन जाता। विदेशी सुरक्षा मामलों के जानकार एक अधिकारी कहते हैं आईएसआई मिशन में घुसपैठ कर आतंकी इरादों को अंजाम देना चाहती है। इस हरकत से यह बात साफ हो गई है।
तालिबान का टाप कमांडर है सिराजुददीन हक्कानी
अफगानिस्तान की धरती पर हक्कानी नेटवर्क की आतंक की अलग ही कहानी है। इस तलिबानी कब्जे में शामिल सिराजुददीन हक्कानी लंबे समय से से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के साथ मिल काम करता है। सिराजुददीन हक्कानी आतंकी कमांडर जलालुददीन हक्कानी का बेटा है। यह वह कडी है जो तहरीक—ए—तालिबान (पाकिस्तान) और तहरीक—ए—तालिबान (अफगानिस्तान) को भी आपस में जोडती है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने हक्कानी से खुफिया एजेंसी आईएसआई के रिश्तों की बात खुलेआम स्वीकार की थी।
Published on:
26 Aug 2021 03:28 pm
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