नौ माह पहले ही हुई थी शादी, पिता बोले...मेरे परिवार की दो नहीं...तीन जिंदगी हुई खत्म...बहू के गर्भ में पल रहा था बच्चा
जयपुर.
आदर्श नगर की शंकर कॉलोनी में गुरुवार रात को नव विवाहित दम्पती ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। विषाक्त के सेवन से पहले पति ने अपने हाथ की नस भी काट ली थी। विवाहिता के एक माह का गर्भ भी था। मामले की जांच कार्यपालक मजिस्ट्रेट को सौंपी है। एसएमएस अस्पताल में शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। आदर्श नगर थानाधिकारी विष्णु खत्री ने बताया कि मौके पर सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या का अभी कोई कारण सामने नहीं आया।शिव शंकर कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय हेमंत साहू और 21 वर्षीय हेमलता साहू नौ माह पहले ही परिणय सूत्रों में बंधे थे। हेमंत और हेमलता के परिजन ने पुलिस को बताया कि घर में कोई विवाद नहीं था। सबकुछ सही चल रहा था, फिर उन्होंने ऐसा क्यों किया, समझ में नहीं आ रहा।
पूजा सामान लेकर आए, खाना बनाया
हेमंत के केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसी में काम करने वाले पिता केदार साहू ने बताया कि गुरुवार शाम छह बजे बेटा-बहू बाजार से लौटे थे। मकर संक्रांति पर दान करने के लिए सामान लेकर आए थे। इसके बाद हेमलता ने सबके लिए भोजन बनाया। बाद में बेटा बहू प्रथम मंजिल पर अपने कमरे में चले गए थे। रात करीब 9.30 बजे बेटे-बहू के चिल्लाने की आवाज आई। ऊपर कमरे में पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। गेट को तोड़ा तो देखा कि दोनों उल्टी कर रहे थे। उन्हें एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर देर रात 11 बजे बहू ने और सवा दो बजे बेटे ने दम तोड़ दिया। बहू के एक माह का गर्भ था।
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था
पिता केदार ने बताया कि उनके दो बेटों में हेमंत छोटा था। बड़ा बेटा घर के बाहर ही दुकान करता है। हेमंत आइटीआइ करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। तीन बार परीक्षा भी दे चुका था लेकिन उसका नंबर नहीं आया। परीक्षा में अच्छे नंबर नहीं आने से वह तनाव में था। लेकिन इसके चलते इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकता था। दोनों हंसी खुशी रहते थे। ऐसा कदम उठाने के बाद भी दोनों कुछ नहीं बोल पाए। बस इतना ही बोल पाए बचा लो।