जयपुर बम बलास्ट मामले में सियासत गरमा रही है।
जयपुर। जयपुर बम बलास्ट मामले में सियासत गरमा रही है। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से आरोपियों को दोषमुक्त करार देने के बाद कांग्रेस—भाजपा एक दूसरे पर निशाना साधने लगी है। खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि साल 2008 में वसुंधरा सरकार थी। उस समय जयपुर में बम बलास्ट हुआ था। भाजपा ने केस में कमजोर पैरवी की। तत्कालीन भाजपा सरकार की ओर से उस समय न तो पीड़ितों को अच्छा पैकेज दिया गया। और न ही बम बलास्ट केस की मजबूत चार्जशीट बनाई। आज इतने साल बाद भाजपा की ओर से मगरमच्छ के आंसू बहाये जा रहें है। जब कोर्ट ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। तब भाजपा की ओर से कांग्रेस पर यह ठिकरा फोड़ा जा रहा है। जबकी उस समय भाजपा की सरकार थी, कांग्रेस की सरकार नही थी। कांग्रेस सरकार की ओर से अब भी आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ा जा रहा है। इस मामले में अच्छे वकीलों की ओर से मजबूत पैरवी सुप्रीम कोर्ट में की जा रही है। ताकी आरोपियों को सजा मिल सके।
खाचरियावास ने कहा कि जयपुर को कितने भागों में बांट दो। जयपुर हमेशा एक ही रहेगा। जयपुर में कितने भी कलक्टर हो या कितने भी एसपी हो। जयपुर का नाम नही बदलेगा। जयपुर का नाम एक ही रहेगा। वह नाम जयपुर ही रहेगा।
खाचरियावास ने कहा कि कर्नाटक में कल भाजपा का सुपड़ा साफ हो जाएगा। कर्नाटक में कांग्रेस भारी बहुमत से अपनी सरकार बनाने जा रही है। राजस्थान में भी कांग्रेस रिपीट होने जा रही है। इस बार 125 से ज्यादा सीटे कांग्रेस की आएगी।
सचिन पायलट के सवाल पर खाचरियावास ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ थी। सचिन पायलट भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी यात्रा निकाल रहे है। इसमें कोई गुनाह नहीं है। लेकिन कांग्रेस पार्टी अनुशासन की पार्टी है। इसलिए इस समय किसी भी नेता को अनुशासन नहीं तोड़ना चाहिए। गलत बयानबाजी करने से बचना चाहिए। चाहे वह नेता कोई भी हो।